PoK में बड़ा जनमार्च, JAAC का पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बगावत का ऐलान, झड़पों में 9 की मौत
मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेतृत्व में 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद में बड़े जनमार्च का ऐलान किया गया है। इससे पहले पूंछ डिवीजन में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
रातभर की झड़पों में 9 लोगों की मौत
JAAC के प्रस्तावित जनमार्च से पहले पूंछ डिवीजन में प्रदर्शनकारियों और पुलिस तथा पाकिस्तान रेंजर्स के बीच तनाव हिंसक हो गया। स्थानीय दावों के मुताबिक रातभर चली झड़पों में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि पाकिस्तान रेंजर्स के दो जवानों के भी मारे जाने की खबर है। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
JAAC नेता का बड़ा दावा
रावलकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित सभा में JAAC नेता सरदार अमान खान ने कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार क्षेत्र के लोगों के अधिकारों का लगातार दमन कर रही है और उनकी लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है।
38 सूत्री मांग-पत्र किया पेश
JAAC ने आंदोलन के दौरान 38 सूत्री मांग-पत्र भी जारी किया। इसमें नागरिक अधिकारों की बहाली, प्रशासनिक सुधार और कथित दमनकारी नीतियों को समाप्त करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने PoK विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करने की भी मांग उठाई।

मुजफ्फराबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा
जनमार्च को देखते हुए मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के राजधानी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुआ यह आंदोलन पाकिस्तान सरकार के लिए नई चुनौती बन सकता है। यदि प्रदर्शन और व्यापक होता है तो आने वाले दिनों में PoK की राजनीतिक स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।

