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FIFA World Cup 2026: स्पेन से हार के बाद फ्रांस में भड़की भीषण हिंसा! सड़कों पर उतरे गुस्साए फैंस, कई शहरों में भारी आगजनी और बवाल

FIFA World Cup 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में खिताबी दावेदार फ्रांस की शर्मनाक हार के बाद पूरे फ्रांस में भारी बवाल और हिंसा भड़क उठी है। डलास में खेले गए इस कड़े मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 0-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस करारी हार के साथ ही फ्रांस का लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने का सपना चकनाचूर हो गया, जिससे गुस्साए फ्रेंच समर्थक अपना आपा खो बैठे और देश की सड़कों पर दंगे जैसे हालात पैदा कर दिए।

फ्रांस की सड़कों पर आधी रात को तांडव और आगजनी

मैच का अंतिम सीटी बजते ही फ्रांस की राजधानी पेरिस समेत कई बड़े शहरों में तनाव फैल गया। गुस्साए फुटबॉल फैंस सड़कों पर उतर आए और टीम व मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। कई जगहों पर बैरिकेड्स तोड़े गए, वाहनों और डस्टबिन में आग लगा दी गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर इस उपद्रव और आगजनी के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें सड़कों पर धुएं का गुबार और भागते लोग नजर आ रहे हैं।

स्पेन के अभेद्य डिफेंस के आगे बेअसर दिखे एम्बाप्पे

इस मुकाबले में फ्रांस की टीम स्पेन के सामने बेहद कमजोर नजर आई। यह फुटबॉल इतिहास में तीसरा ऐसा मौका है जब स्पेन ने फ्रांस को किसी बड़े टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया है।

पहला गोल: मैच के 22वें मिनट में स्पेन को पेनल्टी मिली, जिसे मिकेल ओयारजाबाल (Oyarzabal) ने बिना कोई गलती किए गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।

दूसरा गोल: खेल के 58वें मिनट में स्पेन के स्टार डिफेंडर पेड्रो पोरो (Pedro Porro) ने एक शानदार गोल दागकर स्पेन की बढ़त को 2-0 कर दिया।

इसके बाद स्पेन के मजबूत डिफेंस ने फ्रांस के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर किलीयन एम्बाप्पे (Kylian Mbappe) को एक भी मौका नहीं दिया। बता दें कि एम्बाप्पे इस वर्ल्ड कप में 8 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे चल रहे थे, लेकिन इस अहम मैच में वह पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए।

कप्तान एम्बाप्पे ने कबूली अपनी नाकामी

शर्मनाक हार के बाद फ्रेंच कप्तान किलीयन एम्बाप्पे ने अपनी टीम की कमियों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा:

“हमने स्पेन को मिडफील्ड में बहुत ज्यादा ढील दी, जिसका फायदा उठाकर वे खेल में लगातार आगे बढ़ते गए। हम उनकी रणनीति को नाकाम करने में पूरी तरह असफल रहे। मिडफील्ड में हमें और ज्यादा मुस्तैद रहने की जरूरत थी। पेनल्टी ने उनके काम को और आसान कर दिया। सच कहूं तो हमारी टीम में इस बार फाइनल खेलने वाली क्वालिटी ही नहीं थी।”

इस हार के साथ ही फ्रांस का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया है, जबकि स्पेन ने शान से फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।

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