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राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ में चढ़ावा विवाद, BKTC ने गठित की जांच समिति

Badrinath Dham Mandir Donation: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई शिकायतों और देहरादून के धार्मिक संगठन ‘भैरव सेना’ की ओर से मिली औपचारिक शिकायत के बाद अधिकारी अब सख्त रुख अपना रहे हैं। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इस मामले का संज्ञान लिया है।अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि सोशल मीडिया में बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के संबंध में जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मंदिर समिति ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच के लिए जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। जिसमें तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं दान से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज भी सील कर दिए गए हैं। अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बीकेटीसी ने गठित की जांच समिति

BKTC के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर दान के पैसे के गलत इस्तेमाल की जो खबरें चल रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की गई है। मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने चढ़ावे की गिनती के लिए जिम्मेदार सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, एक जांच समिति भी बनाई गई है। यह समिति जांच करेगी और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपेगी, जिसे सार्वजनिक भी किया जाएगा। हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह एक बहुत संवेदनशील मामला है और हम इसे पूरी गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि लाखों लोगों की इस पवित्र तीर्थ स्थल में गहरी आस्था है। सभी जरूरी कदम 24 घंटे के भीतर ही उठा लिए गए थे। इस मामले में जांच समिति का गठन किया गया। अगर कोई भी आरोपी साबित होता है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मेरा कोई निजी सचिव: हेमंत द्विवेदी

BKTC के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर जिस कर्मचारी को उनका ‘निजी सचिव’ बताया जा रहा है, वह असल में उनका ‘निजी सचिव’ नहीं है। वह कर्मचारी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का रेगुलर सरकारी कर्मचारी है। उसने द्विवेदी के कार्यकाल से पहले भी समिति में असिस्टेंट के तौर पर काम किया है और तीन पिछले चेयरमैन के साथ भी काम कर चुका है। इसलिए, अगर उसके बारे में सोशल मीडिया पर चल रहे आरोप सही साबित होते हैं, तो ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी की भी होगी जांच

दरअसल, इस वित्तीय गड़बड़ी के इन आरोपों के केंद्र में खुद BKTC का एक नियमित कर्मचारी है। शिकायत के अनुसार, 2 जुलाई को मंदिर परिसर के CCTV फुटेज में उक्त कर्मचारी को दान के पैसे के साथ संदिग्ध हालत में देखा गया था। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।वीडियो सामने आने के बाद ही बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने इसे संदेह की स्थिति में रखते हुए चार कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। इन सभी से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि सीसीटीवी भी खंगाले जाएंगे।

बद्रीनाथ मंदिर लोगों की आस्था से जुड़ा

मुख्य कार्याधिकारीने कहा कि यह मामला श्री बद्रीनाथ धाम से जुड़ा है—जो दुनिया भर में विश्वविख्यात है और उत्तराखंड में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए, जब तक किसी औपचारिक जांच से कोई आरोप साबित नहीं हो जाता, तब तक बिना पुष्टि वाले या गुमराह करने वाले आरोप-प्रत्यारोप लगाने से बचना चाहिए। सभी से संयम बरतने और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की उम्मीद की जाती है ताकि इस पवित्र तीर्थ स्थल की गरिमा और छवि पर कोई आंच न आए। (एजेंसी)

 

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