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मिडिल ईस्ट में टेंशन हाई: ट्रंप ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को घोषित किया अमेरिकी इलाका, ईरान ने रखी ये शर्तें

डेस्क। मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट कर दुनिया के सबसे अहम और रणनीतिक समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को अमेरिका की टेरिटरी घोषित कर दिया है। वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद ग्लोबल ऑयल सप्लाई रूट पर कब्जे को लेकर अमेरिका और ईरान सीधे आमने-सामने आ गए हैं।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 3 शर्तें

ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शीर्ष ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका उनकी ये 3 अहम मांगें नहीं मानता, होर्मुज का रास्ता किसी के लिए नहीं खोला जाएगा:

  • अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी (Naval blockade) तुरंत खत्म करे।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरानी तेल पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं।
  • विदेशों में जब्त ईरानी फंड और संपत्तियां फौरन बहाल की जाएं।

ट्रंप ने खारिज की डील, ओमान को भी दी चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की इन शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा, “हम नाकेबंदी के जरिए होर्मुज को कंट्रोल करते हैं, और अब यह पूरी तरह हमारा इलाका है।” इस दौरान उन्होंने पड़ोसी देश ओमान को भी सख्त लहजे में चेतावनी दी।

IRGC ने नकारे गुप्त बातचीत के दावे

इस बीच, ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बैकचैनल बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने ट्रंप के दावों को ‘भ्रम’ बताते हुए कहा कि अमेरिका हमेशा वादे तोड़ता है, इसलिए तेहरान और वाशिंगटन के बीच फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है।

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