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PM Modi Met Marco Rubio: ‘वैश्विक भलाई के लिए साथ चलेंगे भारत-अमेरिका’, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात के बाद बोले पीएम मोदी

PM Modi Met Marco Rubio: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में आज एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आज शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बेहद अहम बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Global Strategic Partnership) को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक भलाई और शांति के लिए लगातार मिलकर काम करते रहेंगे।

पीएम मोदी ने ‘X’ पर शेयर की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। पीएम मोदी ने लिखा,

“अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो का स्वागत करके मुझे बेहद खुशी हुई। हमने भारत-US व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा की है।”

बैठक में मौजूद रहे भारत-अमेरिका के दिग्गज

यह बैठक कितनी महत्वपूर्ण थी, इसका अंदाजा इसमें शामिल हुए चेहरों से लगाया जा सकता है। पीएम मोदी और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल मौजूद रहे। वहीं अमेरिकी पक्ष की ओर से भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी उप विदेश मंत्री एलिसन हुकर भी इस रणनीतिक चर्चा का हिस्सा बने।

सुरक्षा, व्यापार और टेक्नोलॉजी पर ‘सार्थक’ चर्चा

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बैठक को बेहद सफल और सार्थक बताया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में मार्को रूबियो के साथ शामिल होना बहुत शानदार रहा। हमने सुरक्षा, व्यापार और अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर गंभीर बातचीत की है।”

अमेरिकी राजदूत ने भारत को अमेरिका का एक बेहद अहम और अपरिहार्य साझीदार बताते हुए कहा कि ये ऐसे क्षेत्र हैं जो दोनों लोकतांत्रिक देशों को मजबूत बनाते हैं और एक स्वतंत्र व खुले हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र को बढ़ावा देते हैं।

इन बड़े मुद्दों पर रहेगा आगामी फोकस

रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली मुलाकातों का मुख्य एजेंडा प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और ज्यादा मजबूत करना होगा। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • रक्षा साझेदारी (Defense Partnership): सैन्य और सुरक्षा स्तर पर संबंधों को और मजबूत करना।
  • उन्नत टेक्नोलॉजी (Advanced Technology): क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना।
  • व्यापारिक संबंध (Trade Relations): द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाना।
  • क्वॉड (QUAD): क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग के तहत आपसी सहयोग को और मजबूत कर क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटना।

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