आस्था पर भारी अव्यवस्था: महाकाल में नागपंचमी पर टूटे बैरिकेड्स, भगदड़ जैसे हालात; कई श्रद्धालुओं को एंबुलेंस से भेजा अस्पताल
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्रावण मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के दुर्लभ संयोग पर आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि प्रशासन के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए। श्री महाकालेश्वर मंदिर और नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। भीड़ का दबाव इतना अधिक हो गया कि दर्शन कतारों में भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई, जिससे कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई।
बड़ा गणेश मंदिर मार्ग पर बेकाबू हुए हालात
साल में केवल 24 घंटे के लिए खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन करने की होड़ ने हालात को बेकाबू कर दिया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बड़ा गणेश मंदिर के सामने वाले पहुंच मार्ग पर देखी जा रही है।
अत्यधिक भीड़ और भारी दबाव के कारण जब कतारों में सांस लेना मुश्किल होने लगा, तो अपनी जान बचाने के लिए लोग सुरक्षा बैरिकेड्स पर चढ़ने लगे। भीड़ के धक्के से कई जगह लोहे के बैरिकेड्स गिरने लगे, जिन्हें किसी तरह पुलिस के जवानों और सुरक्षा गार्ड्स ने संभालकर बड़े हादसे को टाला।
महिलाओं-बच्चों का बुरा हाल, एंबुलेंस से रेस्क्यू
घंटों से लाइनों में लगे श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा है। उमस और भारी भीड़ के बीच फंसी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कई लोगों को चक्कर आने और घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद एंबुलेंस की मदद से बीमार श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
करंट की अफवाह बनी भगदड़ की वजह
करंट की बात सुनते ही दर्शनार्थियों में दहशत का माहौल बन गया और खुद को बचाने की होड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी हड़बड़ी और भीड़ के दबाव में कई श्रद्धालु संतुलन खोकर गिर पड़े और लोहे के बैरिकेड्स से जा टकराए, जिससे कुछ लोगों को चोटें आईं।
मंदिर समिति का स्पष्टीकरण- “अफवाहों पर ध्यान न दें”
हालात बिगड़ने की भ्रामक खबरों के बीच महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने तुरंत मोर्चा संभाला। समिति ने भगदड़ मचने की सभी खबरों और दावों का सख्ती से खंडन किया है। प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी अफवाहों पर ध्यान न दें। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालात को संभाल लिया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
एक ही दिन में 6 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आंकड़ा
व्यवस्थाओं के दबाव के बारे में बात करते हुए मंदिर समिति ने बताया कि आज उज्जैन में आस्था का त्रिवेणी संगम बना है। एक ही दिन में तीन बड़े धार्मिक आयोजन नागपंचमी, सावन का तीसरा सोमवार और भगवान महाकालेश्वर की शाही सवारी का दुर्लभ संयोग होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

