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सागर शराब कांड: 32 मौतों के बाद सीएम का ‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन, माफियाओं के ठिकानों पर गरजा बुलडोजर

सागर। बंडा जहरीली शराब त्रासदी में 32 जिंदगियां छिन जाने के बाद मध्य प्रदेश शासन ने शराब माफिया के सिंडिकेट को जमींदोज करने की सीधी कार्रवाई छेड़ दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े रुख और दो टूक हिदायत के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों के 5 प्रमुख अवैध ठिकानों पर भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर उतार दिया है।

अवैध साम्राज्य पर प्रहार: मकान और गोदाम धराशायी

प्रशासन की यह कार्रवाई सीधे तौर पर मुख्य आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की जा रही है। मुख्य आरोपी मनीष, चंद्रभान और आशीष द्वारा अपराध की कमाई से खड़े किए गए अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया। आरोपियों के रिहायशी मकानों और शराब के अवैध भंडारण के लिए इस्तेमाल होने वाले गोदामों को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि माफियाओं की हर एक बेनामी और अवैध संपत्ति की जब्ती व ध्वस्तीकरण का काम जारी रहेगा।

मेडिकल कॉलेज में 60 मरीज भर्ती, 11 की हालत नाजुक

घुघरा खुर्द गांव से 3 ताजा मौतों की पुष्टि के बाद इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या 32 तक जा पहुंची है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में फिलहाल करीब 60 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें से 11 आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इनमें 5 की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। राहत की खबर यह है कि प्राथमिक उपचार के बाद 40 से अधिक लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दी जा चुकी है।

न्यायिक जांच और विभागीय लापरवाही पर गाज

इस पूरे अवैध तंत्र की कड़ियों को बेनकाब करने के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह की अध्यक्षता में न्यायिक जांच शुरू की गई है। जांच दल इस बात की पड़ताल करेगा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले मनीष लोधी ने दूसरे के नाम पर शराब दुकान का लाइसेंस कैसे हासिल किया। लाइसेंस आवंटन में गंभीर चूक बरतने के आरोप में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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