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बिहार में बाढ़ का विकराल रूप: 14 जिलों में 43.64 लाख की आबादी त्रस्त, लाल निशान से 2 मीटर ऊपर बही गंगा

पटना। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और बिहार के स्थानीय इलाकों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने राज्य में बाढ़ के हालात गंभीर बना दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सूबे के 14 जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में करीब 43.64 लाख लोग सीधे तौर पर बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। सितंबर में अब तक सामान्य से 24 फीसदी अधिक (83.6 मिमी) वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिसके चलते गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।

सुल्तानगंज में खतरे से 2.22 मीटर ऊपर गंगा, कई नदियां लाल निशान के पार

राज्य के जल संसाधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर 36.72 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.22 मीटर अधिक है। इसके अतिरिक्त:

गंगा नदी: दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में भी खतरे के स्तर से ऊपर बनी हुई है।

कोसी व गंडक: कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में, जबकि गंडक नदी डुमरिया घाट पर लाल निशान पार कर चुकी है।

अन्य नदियां: खगड़िया में बूढ़ी गंडक, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली व गंगपुर सिसवन में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

बैराजों का डिस्चार्ज: गुरुवार सुबह गंडक बैराज से 77,600 क्यूसेक, कोसी बैराज से 1,40,240 क्यूसेक और सोन नदी के इंद्रपुरी बैराज से 72,095 क्यूसेक पानी का प्रवाह स्थिर रूप से दर्ज किया गया।

ये 14 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

बाढ़ का सबसे बड़ा असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अररिया जिलों पर पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में सड़कें और निचले हिस्से डूब जाने से सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट चुका है।

राहत और बचाव के बड़े इंतजाम

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत कार्यों की गति बढ़ा दी है:

भोजन और आश्रय: विभिन्न जिलों में कुल 951 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 प्रमुख राहत शिविरों में 11,255 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है, जहां भोजन और चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।

राहत सामग्री: विस्थापितों के बीच 2.57 लाख पॉलीथीन शीट, 40,600 सूखे राशन पैकेट और मवेशियों के लिए 6,692 क्विंटल चारा पहुंचाया गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन: सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने के लिए 1,932 नावें चल रही हैं। वहीं जमीन पर हालात से निपटने के लिए 27 SDRF और 10 NDRF की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रखा गया है।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जिसके मद्देनजर सभी जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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