ED की बड़ी कार्रवाई, 3000 किलो हेरोइन केस में हरप्रीत तलवार गिरफ्तार
नईदिल्ली : दिल्ली के हाई-प्रोफाइल पार्टी सर्कल में मशहूर और मशहूर प्लेबॉय क्लब के पूर्व फ्रैंचाइजी होल्डर, हरप्रीत सिंह तलवार (उर्फ हैप्पी तलवार) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ़्तार किया है। यह गिरफ़्तारी ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की जांच के सिलसिले में की गई है। आरोप है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी ISI और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला 2021 में गुजरात में जब्त की गई लगभग 3,000 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी खेप से जुड़ा है। इस मामले ने देश में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। 2021 में, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने गुजरात के एक बंदरगाह पर एक कंटेनर से यह हेरोइन बरामद की थी। जांच से पता चला कि यह खेप ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह के रास्ते अफगानिस्तान से भारत लाई गई थी।
शुरुआत में, DRI ने NDPS एक्ट के तहत मामले की जांच शुरू की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आने के बाद यह मामला नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। जांच के दौरान, NIA को पता चला कि यह सिर्फ तस्करी का कोई आम मामला नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले एक संगठित ड्रग सिंडिकेट की रची गई साजिश थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी विदेशी ड्रग तस्करों के संपर्क में थे और हेरोइन को भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों का इस्तेमाल कर रहे थे।
NIA की जांच में कई खुलासे
NIA की जांच से यह भी पता चला कि आरोपी पंकज वैद (उर्फ अमित उर्फ नॉनी सुनैरा उर्फ संजू बाबा) कथित तौर पर इस नेटवर्क का हिस्सा था। उस पर हेरोइन बनाने और निकालने में मदद करने और बाद में उसे भारत में सप्लाई करने का आरोप है। NIA ने इस मामले में अब तक कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की हैं। जांच एजेंसी ने कुल 42 लोगों और 7 कंपनियों को आरोपी बनाया है। NIA ने मार्च 2022 में शुरुआती चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 आरोपियों के नाम शामिल थे। इसके बाद, अगस्त 2022 और फरवरी 2023 में दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट के जरिए कई अन्य लोगों और कंपनियों को भी जांच के दायरे में लाया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी चल रही जांच
ED अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग तस्करी से हुई कमाई का पैसा कहां लगाया गया और पूरे नेटवर्क को आर्थिक मदद कौन दे रहा था। ED की जांच में शामिल होने की बात सामने आने के बाद हरप्रीत तलवार को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियां अब उसके कथित संपर्कों, पैसों के लेन-देन और विदेशी कनेक्शन की बारीकी से जांच कर रही हैं। हरप्रीत तलवार लंबे समय से दिल्ली की नाइटलाइफ और पार्टी सर्किट में एक जाना-माना चेहरा रहा है, लेकिन अब देश के ड्रग तस्करी के एक बड़े मामले की जांच के सिलसिले में उसका नाम सामने आया है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वह सिर्फ फ़ाइनेंशियल नेटवर्क का हिस्सा था या ड्रग सिंडिकेट में उसकी कोई बड़ी भूमिका थी। इस मामले की आगे जांच चल रही है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। (एजेंसी)

