छात्रों के आंदोलन की गूंज! हेमंत सरकार का फैसला, रिटायर्ड जज खोलेंगे 10 साल के ‘भर्ती घोटालों’ का काला चिट्ठा
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और पेपर लीक के खिलाफ पिछले 24 दिनों से सड़क पर उतरे छात्रों की आखिरकार बड़ी जीत हुई है। भारी विरोध और जनाक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘एग्जाम माफियाओं’ पर बड़ा प्रहार किया है। राज्य सरकार ने विवादित एजेंसी TDPL के जरिए आयोजित JSSC CGL समेत सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
इस फैसले का सबसे बड़ा पहलू यह है कि सरकार ने सिर्फ वर्तमान परीक्षाएं रद्द नहीं की हैं, बल्कि साल 2014 से लेकर अब तक हुई सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की CID जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
SOP में भारी गड़बड़ी, रिटायर्ड जज करेंगे जांच
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ लंबी बैठक के बाद यह सख्त कदम उठाया। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हालिया परीक्षाओं में तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का घोर उल्लंघन हुआ है।
इन गड़बड़ियों की तह तक जाने के लिए राज्य सरकार ने एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कमेटी बनाने का ऐलान किया है।
यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर इस पूरे नेक्सस (Nexus) में शामिल दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
JSSC से जुड़े JPSC धांधली के तार!
सीआईडी (CID) और एसआईटी (SIT) की अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि JSSC के जरिए भर्ती हुए कुछ लोग JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) की परीक्षाओं में भी धोखाधड़ी और सेटिंग के आरोप में गिरफ्तार किए जा रहे हैं।
परीक्षाओं में सेंधमारी के इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए ही सीएम सोरेन ने 2014 के बाद की सभी विवादित भर्तियों की फाइलें सीआईडी (CID) को सौंपने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
रांची में ‘जीत का जश्न’
इस फैसले की खबर जैसे ही रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंची, वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। पिछले 24 दिनों से बारिश और धूप की परवाह किए बिना धरने और अनशन पर बैठे हजारों अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि यह फैसला उनकी अटूट एकजुटता का परिणाम है, और अब उन्हें उम्मीद है कि राज्य में नियुक्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।

