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Chhattisgarh Farmers News: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी! सरकार ने खत्म की खाद की टोकन व्यवस्था, अब एक बार में ही मिलेगी पूरी खाद

Chhattisgarh Farmers News: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खरीफ सीजन के बीच एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने खाद वितरण को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सालों से चली आ रही टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त (Fertilizer Token System Cancelled) कर दिया है।

सूबे के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि अब प्रदेश के किसी भी किसान को यूरिया, डीएपी या अन्य रासायनिक खादों के लिए सोसायटियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही टोकन के लिए लंबी लाइनों में लगना होगा। किसानों को अब एक ही बार में उनकी कृषि भूमि की पूरी आवश्यकता के अनुसार खाद सीधे उपलब्ध करा दी जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला? जानिए सोसायटियों में स्टॉक का पूरा गणित

दरअसल, शुरुआत में खाद की संभावित कमी और जमाखोरी को देखते हुए सरकार ने बड़े किसानों के लिए अधिकतम तीन टोकन और मध्यम वर्गीय किसानों के लिए दो टोकन की व्यवस्था लागू की थी, ताकि हर छोटे-बड़े किसान तक खाद पहुंच सके। लेकिन अब सरकार का दावा है कि राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण हो चुका है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सभी प्रकार की खादों को मिलाकर कुल 81 प्रतिशत भंडारण (स्टॉक) समितियों और गोदामों में सुरक्षित है। खादों का अलग-अलग उपलब्धता प्रतिशत इस प्रकार है:

उर्वरक का प्रकार (Fertilizer Type) वर्तमान भंडारण उपलब्धता (प्रतिशत में)

एसएसपी (SSP) 136%

एमओपी (MOP) 93%

एनपीकेएस (NPKS) 91%

यूरिया (Urea) 87%

डीएपी (DAP) 36%

सरकार के फैसले पर भड़की कांग्रेस, दीपक बैज ने दागे तीखे सवाल

जहां एक तरफ बीजेपी सरकार इस फैसले को किसान हित में मास्टरस्ट्रोक बता रही है, वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस दावे से बिल्कुल भी संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। इस फैसले के बाद प्रदेश में खाद और बीजों को लेकर भारी राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।

दीपक बैज (प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस) का बड़ा बयान:

“सिर्फ कागजों पर टोकन व्यवस्था खत्म कर देने से खेतों में काम कर रहे किसानों की मूल समस्याएं समाप्त नहीं हो जाएंगी। छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में किसान आज भी खाद, उन्नत बीजों और खेती के लिए जरूरी डीजल की किल्लत से जूझ रहे हैं। जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर है।”

विपक्ष के इन तीखे आरोपों पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए किसानों के बीच भ्रम फैला रही है, जबकि धरातल पर हमारी सरकार अन्नदाताओं को किसी भी चीज की कमी नहीं होने दे रही है।

जमीनी स्तर पर कितनी कम होगी किसानों की टेंशन?

एक तरफ जहां साय सरकार बंपर स्टॉक का हवाला देकर किसानों को बड़ी राहत देने की बात कह रही है, वहीं विपक्ष इसे नाकाफी बता रहा है। अब आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सरकार का यह कदम सोसायटियों में भीड़ को कम करने और किसानों तक बिना किसी भ्रष्टाचार या परेशानी के समय पर खाद पहुंचाने में कितना कारगर साबित होता है।

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