‘नारी वंदन’ से चुनावी फतह की तैयारी! पार्टी ने इन 12 दिग्गज महिलाओं को सौंपे संगठन के सबसे अहम पद
नई दिल्ली। आगामी विधानसभा और भविष्य के चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सांगठनिक संरचना में बड़ा फेरबदल किया है। नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषित सूची में पार्टी ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया है। संगठन में इस बार ‘नारी शक्ति’ को रणनीतिक रूप से बड़ी और अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
बीजेपी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से लेकर महामंत्री और सोशल मीडिया विंग तक, देश के अलग-अलग राज्यों से 12 सशक्त महिला चेहरों को अपनी कोर टीम में शामिल किया है। इसे देश की ‘आधी आबादी’ यानी महिला वोटरों को साधने की दिशा में पार्टी का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्मृति ईरानी को मिला इनाम, वसुंधरा का दबदबा बरकरार
इस नई सूची में सबसे ज्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश और राजस्थान की दो दिग्गज नेत्रियों की हो रही है:
स्मृति ईरानी की वापसी: चुनाव हारने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि स्मृति ईरानी का राजनीतिक कद घट सकता है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री के बेहद अहम रणनीतिक पद पर बिठाया है।
वसुंधरा राजे की ताकत: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का संगठन में रुतबा कायम है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बनाए रखा गया है।
संगठन में महिलाओं की स्थिति, किसे क्या मिला?
पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधते हुए इन महिला नेत्रियों को राष्ट्रीय टीम में जगह दी है:
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (National Vice President):
पार्टी ने सबसे ज्यादा 6 महिलाओं को इस पद पर नियुक्त किया है, जो संगठन को वैचारिक और क्षेत्रीय मजबूती देंगी:
वसुंधरा राजे सिंधिया (राजस्थान)
डी. पुरंदेश्वरी (आंध्र प्रदेश)
रेखा वर्मा (उत्तर प्रदेश)
वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी (गुजरात)
डॉ. भारती प्रविण पवार (महाराष्ट्र)
श्रीमती (डॉ.) मधुचंद कर (पश्चिम बंगाल)
राष्ट्रीय मंत्री (National Secretary):
इस पद पर हिंदी पट्टी के साथ-साथ पूर्वोत्तर (North East) का भी खास ध्यान रखा गया है:
कविता पाटीदार (मध्य प्रदेश)
संगीता यादव (उत्तर प्रदेश)
फांग्नोन कोन्याक (नागालैंड)
महिला मोर्चा और डिजिटल विंग:
राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला मोर्चा): महिलाओं के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ की तेजतर्रार नेता रूप कुमारी चौधरी को दी गई है।
सोशल मीडिया सह-संयोजक: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के लिए महाराष्ट्र की प्रीति गांधी को यह अहम पद सौंपा गया है।
BJP के इस कदम के क्या हैं सियासी मायने?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी की यह सूची केवल पदों का बंटवारा नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल और नागालैंड तक की महिला नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया है। यह कदम दिखाता है कि बीजेपी आने वाले चुनावों में ‘नारी वंदन अधिनियम’ और महिला केंद्रित योजनाओं के सहारे विपक्ष को कड़ा जवाब देने की तैयारी कर चुकी है, और इसकी अगुवाई यही महिला ब्रिगेड करेगी।

