अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: SIT की बड़ी कार्रवाई, 50+ लोगों से पूछताछ, जल्द सामने आ सकते हैं अहम खुलासे!
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पिछले तीन दिनों से अयोध्या में लगातार डेरा डाले हुए है और दस्तावेजों की गहन जांच के साथ-साथ संबंधित लोगों से पूछताछ भी कर रही है। जांच एजेंसी अब ट्रस्ट के वरिष्ठ स्तर तक पहुंच चुकी है, जहां कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों से पूछताछ, ट्रस्टी को समन
सूत्रों के अनुसार, SIT ने ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को समन भेजा है। वहीं महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से पहले ही विस्तृत पूछताछ की जा चुकी है। जांच का फोकस इस बात पर है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की राशि के संग्रह, गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया में कहीं किसी तरह की चूक या अनियमितता तो नहीं हुई।
50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज
जांच टीम अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें बैंक कर्मी, कैश काउंटिंग एजेंसी के कर्मचारी, सुरक्षा स्टाफ और मंदिर प्रशासन से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। SIT बैंक स्टेटमेंट, दान रजिस्टर, नकद जमा रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान कर रही है। इसी दौरान टिन्नू यादव से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
वित्तीय ट्रेल की बारीकी से जांच
SIT की सबसे ज्यादा निगरानी दान की पूरी वित्तीय प्रक्रिया पर है। ऑनलाइन और ऑफलाइन चढ़ावा, नकद जमा, चेक और खर्च से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूरे फंड फ्लो को समझने के लिए हर लेन-देन का क्रॉस-वेरीफिकेशन जरूरी है। आने वाले दिनों में और लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
श्रद्धा और व्यवस्था के बीच सवाल
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान राशि को लेकर उठे सवालों ने व्यापक ध्यान खींचा है। जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं और उम्मीद है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
अयोध्या दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री योगी
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वे रामलला के दर्शन के साथ-साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। मौजूदा जांच और विवाद के बीच यह दौरा प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

