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बृजभूषण सिंह को बड़ी राहत, महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में अदालत ने किया बरी

नई दिल्ली: महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण सिंह को बरी कर दिया गया है। अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी किया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई, 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई, 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए, जिसके बाद मुकदमा शुरू हुआ।

फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह

अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले जो कहा था, वह अब सही साबित हो गया है। वहीं उनके वकील ने कहा कि वे अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरू से ही उनका यही रुख रहा है कि शिकायत और शिकायतकर्ता के बयानों में कई विसंगतियां और विरोधाभास हैं। वकील के अनुसार, अदालत का विस्तृत आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

आरोपों के चलते बृजभूषण को नहीं मिला था लोकसभा टिकट

इससे पहले, उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से छह बार के भाजपा सांसद बृज भूषण को विवाद के कारण पिछले चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था। बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद, उन्हें 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए टिकट नहीं दिया गया था। हालांकि, पार्टी ने उनके बेटे करण भूषण सिंह को उसी सीट से मैदान में उतारा था।हालांकि बृजभूषण को टिकट नहीं मिला, लेकिन निर्वाचन क्षेत्र में उनका मजबूत जनसमर्थन स्पष्ट था और उनके बेटे करण भूषण ने जीत हासिल की। ​​अब दिल्ली अदालत से राहत मिलने के बाद, बड़ा सवाल यह है कि क्या बृजभूषण शरण सिंह दोबारा चुनावी मैदान में उतरेंगे। साथ ही यह भी सवाल बना हुआ है कि क्या वे डब्ल्यूएफआई (WFI ) के प्रमुख की जिम्मेदारी दोबारा संभालेंगे?

साढ़े तीन साल चली लंबी कानूनी प्रक्रिया

लगभग साढ़े तीन साल की कानूनी कार्यवाही के बाद, अदालत ने 3 अगस्त, 2026 को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में अपना फैसला सुनाया। यह मामला जनवरी 2023 में जंतर-मंतर पर पहलवानों के धरने से शुरू हुआ था।

18 जनवरी 2023 को जंतर-मंतर पर शुरू किया था पहलवानों ने प्रदर्शन

18 जनवरी 2023 को पहलवानों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। 19 जनवरी को बबीता फोगाट ने प्रदर्शनकारी पहलवानों से मुलाकात की और उन्हें सरकार से बातचीत का आश्वासन दिया। उसी दिन पहलवानों ने तत्कालीन खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मुलाकात की। 20 जनवरी को विनेश फोगाट ने भारतीय ओलंपिक संघ, प्रधानमंत्री कार्यालय, अनुराग ठाकुर और अमित शाह को ट्वीट करके शिकायत दर्ज कराई। 21 जनवरी को अनुराग ठाकुर से बात करने के बाद पहलवानों ने अपना पहला धरना समाप्त कर दिया था।

बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर बरी

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने सोमवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया। अदालत के फैसले के तुरंत बाद, भाजपा नेता बृजभूषण सिंह ने कहा, “जिस दिन मुझ पर आरोप लगे थे, मैंने कहा था कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो मैं खुशी-खुशी मौत की सजा स्वीकार कर लूंगा।”आज अदालत ने मुझे बरी कर दिया है। मैंने जो कहा वो सच साबित हुआ। कोर्ट ने मुझे बाइज्जत बरी किया है। ऐसे में मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि जो हो गया, सो हो गया। (एजेंसी)

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