झारखंड में नई बीमारी का अलर्ट! बच्चों में तेजी से फैल रहा रैट फीवर, जानें लक्षण और बचाव
Ranchi Rat Fever: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले एक महीने में लेप्टोस्पायरोसिस—जिसे ‘रैट फीवर’ (चूहे से फैलने वाला बुखार) भी कहा जाता है-के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इस दौरान रानी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में रैट फीवर से पीड़ित 130 मरीजों को भर्ती किया गया है। अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. सोनी सिन्हा ने बताया कि जुलाई और अगस्त के महीनों में यह संख्या 130 से ज्यादा हो गई है। ज्यादातर मरीज 5 साल से 10 साल के बच्चे हैं। कुछ रिपोर्ट में 8 महीने से 16 साल तक के बच्चों के संक्रमित होने की बात कही गई है। कई बच्चों में संक्रमण फेफड़ों और दिमाग तक पहुंचने से उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है।
झारखंड की राजधानी रांची में बारिश का मौसम शुरू होते ही संक्रामक बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं। दूषित पानी और जलजमाव के कारण यहां लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा तेजी से फैल रहा है। पिछले दो महीनों में, इस संक्रमण की चपेट में आने के बाद रांची के एक निजी अस्पताल में 130 से ज्यादा लोगों ने इलाज कराया है।डॉक्टरों के अनुसार, इस संक्रामक बीमारी के फैलने का मुख्य स्रोत संक्रमित चूहे और अन्य जानवर हैं। गंदे पानी और मिट्टी के संपर्क में आने से ये बैक्टीरिया इंसानों के शरीर में प्रवेश कर जाता है, जिससे लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है।
जानिए कैसे फैलता है लेप्टोस्पायरोसिस का संक्रमण?
लेप्टोस्पायरोसिस एक जूनोटिक बीमारी है जो मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों (जैसे चूहे, कुत्ते, मवेशी और सूअर) के पेशाब से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से इंसानों में फैलती है। डॉक्टरों के अनुसार, बारिश के मौसम में चूहों का पेशाब पानी और मिट्टी में मिल जाता है। ये बैक्टीरिया शरीर पर मौजूद कट या घाव के जरिए, या फिर पानी से भरे इलाकों में नंगे पैर चलने या लंबे समय तक दूषित पानी के संपर्क में रहने पर तेजी से इंसान के शरीर में प्रवेश कर जाता है।
सामान्य बुखार जैसे दिखने वाले लक्षण
सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. बिमलेश कुमार सिंह के अनुसार, लेप्टोस्पायरोसिस के शुरुआती लक्षण आम वायरल बुखार जैसे ही होते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, कंपकंपी, मांसपेशियों में तेज दर्द, कमजोरी, उल्टी और आंखों का लाल होना शामिल हैं। अगर बुखार के साथ शरीर में तेज दर्द महसूस हो, तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए।
संक्रमण से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
जल भराव से दूरी: बारिश के मौसम में ऐसी जगहों से दूर रहें जहां पानी जमा हो। अगर ऐसी जगहों पर जाना जरूरी हो, तो रबर के बूट और दस्ताने पहनें।
घाव को ढंककर रखें। शरीर पर किसी भी कट या घाव को हमेशा ढंककर रखें ताकि वे गंदे पानी के सीधे संपर्क में न आएं।
साफ-सफाई का ध्यान रखें: गंदे पानी के संपर्क में आने के बाद अपने शरीर को साबुन से अच्छी तरह धोएं। अपने घर के आस-पास सफाई बनाए रखें और चूहों को दूर रखने के उपाय करें।
बीमारी को नजरअंदाज ना करें
डॉक्टर सलाह देते हैं कि बारिश के बाद अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो उन्हें सिर्फ आम बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर इन्फेक्शन गंभीर हो जाए, तो बीमारी किडनी और लिवर जैसे जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे मामलों में मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने और इलाज की जरूरत पड़ सकती है। (एजेंसी)

