52 बड़े मंदिरों में कैमरा फोन बैन, दर्शन से पहले जमा करना होगा मोबाइल; जानें नया नियम
मंदिर में दर्शन के साथ फोटो और वीडियो बनाने का चलन अब कई धार्मिक स्थलों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी को देखते हुए 52 प्रमुख मंदिरों में कैमरा वाले मोबाइल फोन के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। नया नियम मंगलवार से प्रभावी हो गया है। अब इन मंदिरों में जाने वाले श्रद्धालुओं को कैमरा फोन साथ ले जाने के बजाय उसे प्रवेश से पहले निर्धारित काउंटर पर जमा करना होगा।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि मंदिर परिसर में हर तरह के मोबाइल फोन पर पाबंदी लगा दी गई है। बिना कैमरे वाले सामान्य मोबाइल फोन श्रद्धालु अपने साथ ले जा सकते हैं।
सेल्फी और रील पर रोक के लिए उठाया गया कदम
मंदिर प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक होने के बावजूद कई लोग परिसर में फोटो, वीडियो, सेल्फी और सोशल मीडिया रील बनाते हैं। इससे जहां मंदिर का धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है, वहीं दूसरे श्रद्धालुओं की निजता को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए कैमरा वाले मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लागू करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मंदिरों को शांत और आध्यात्मिक माहौल में बनाए रखना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है।
कौन सा मोबाइल ले जा सकेंगे?
नए नियम को लेकर श्रद्धालुओं के लिए सबसे अहम बात यह है कि कैमरा वाले मोबाइल फोन पर प्रतिबंध है, जबकि बिना कैमरे वाले साधारण मोबाइल को अनुमति दी गई है।
यानी स्मार्टफोन या किसी अन्य कैमरा फोन के साथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को उसे निर्धारित स्थान पर जमा करना होगा। मंदिर में प्रवेश के दौरान मोबाइल को लेकर असुविधा से बचने के लिए लोगों को पहले से नियम की जानकारी दी जा रही है।
इन 52 मंदिरों में लागू हुई व्यवस्था
पहले चरण में राज्य के 52 प्रमुख मंदिरों को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। इनमें कई बड़े और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं।
इस सूची में तिरुचेंदूर, पलानी, तिरुप्परंकुंद्रम, तिरुवन्नामलाई, समायपुरम, श्रीरंगम, रामेश्वरम और सुचिंद्रम जैसे प्रमुख मंदिर शामिल हैं।
इसके अलावा नेल्लैयप्पर मंदिर, मदुरै अलगर मंदिर, कोयंबटूर कोनियाम्मन मंदिर और सलेम फोर्ट मरियम्मन मंदिर में भी कैमरा फोन पर रोक लागू होगी।
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चेन्नई के कई प्रसिद्ध मंदिर भी दायरे में
नए नियम के तहत चेन्नई और आसपास के कई प्रसिद्ध मंदिरों में भी कैमरा फोन लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी। इनमें वडापलानी मुरुगन, मायलापुर कपालीश्वरर, ट्रिप्लिकेन पार्थसारथी, तिरुवोट्टियूर वडिवुडई अम्मन, थिरुवेरकाडु देवी करुमरियम्मन, कुंद्राथुर मुरुगन और मंगाडु कामाक्षी अम्मन मंदिर शामिल हैं।
कांचीपुरम के कामाक्षी अम्मन, वरदराज पेरुमल और एकंबरेश्वर मंदिर भी इस व्यवस्था में शामिल किए गए हैं। इसके साथ तिरुवल्लूर के वीरराघव पेरुमल और तिरुत्तनी के मुरुगन मंदिर में भी नया नियम लागू होगा।
मोबाइल जमा करने के लिए पेड काउंटर और लॉकर
श्रद्धालुओं के कैमरा फोन सुरक्षित रखने के लिए मंदिर परिसरों में पेड मोबाइल डिपॉजिट काउंटर और लॉकर की व्यवस्था की गई है। बड़े मंदिरों में एक समय पर करीब 20 हजार मोबाइल फोन रखने की क्षमता तैयार की गई है।
हालांकि, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती त्योहारों और विशेष धार्मिक आयोजनों के दौरान हो सकती है। ऐसे मौकों पर कुछ प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार से भी अधिक पहुंच जाती है। ऐसे में मोबाइल जमा करने की व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है।
श्रद्धालुओं को दी गई यह सलाह
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संभव हो तो कैमरा वाला मोबाइल अपने घर, होटल या वाहन में ही छोड़कर आएं। इससे मंदिर के प्रवेश द्वार पर लाइन और मोबाइल जमा करने की परेशानी से बचा जा सकता है।
नए नियम को लेकर प्रवेश द्वारों और प्रमुख स्थानों पर जागरूकता अभियान भी चलाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को पहले ही इसकी जानकारी मिल जाए।
नियम तोड़ने पर होगी सख्ती
मंदिर के भीतर फोटो और वीडियो बनाने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों के मुताबिक मंदिर परिसर में फोटो या वीडियो बनाने और उसे वेबसाइट या सोशल मीडिया पर अपलोड करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यदि इस तरह की गतिविधियों को रोकने में संबंधित अधिकारी लापरवाही करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नया नियम?
धार्मिक स्थलों पर मोबाइल कैमरे के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह फैसला मंदिरों के पारंपरिक और शांत वातावरण को बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर सेल्फी, रील और वीडियो बनाने जैसी गतिविधियों को नियंत्रित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
फिलहाल यह व्यवस्था 52 प्रमुख मंदिरों में लागू की गई है। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर होगा कि दर्शन के लिए निकलने से पहले अपने मंदिर में लागू मोबाइल नियम की जानकारी जरूर ले लें, ताकि प्रवेश के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

