Mon. Aug 10th, 2026

PM Modi-JD Vance Call: रूस से तेल खरीदता रहेगा भारत? ट्रंप के नए बिल के बीच मोदी-वेंस की अहम बातचीत

PM Modi-JD Vance Call: अमेरिका के नए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर कई अहम द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की है। इस उच्चस्तरीय बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Global Strategic Partnership) को और अधिक मजबूत व गहरा करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस बातचीत की पुष्टि करते हुए लिखा:

“अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर सार्थक चर्चा की।”

होर्मुज स्ट्रेट और तनाव के बीच अमेरिका का रुख

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी प्रशासन मध्य पूर्व और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर काम कर रहा है। वेंस ने एक साक्षात्कार में बताया कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के प्रवाह को सुचारू बनाए रखने और ईरान पर आर्थिक व कूटनीतिक दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।

अमेरिकी सीनेट में 100% टैरिफ वाला कड़ा बिल पास

पीएम मोदी और जेडी वेंस के बीच हुई यह बातचीत इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में अमेरिकी सीनेट ने भारी बहुमत (86-11) से ‘सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026’ को मंजूरी दी है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूस से भारी मात्रा में क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस का आयात जारी रखते हैं।

इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस और ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाना है ताकि यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाले वित्तीय स्रोतों को रोका जा सके। भारत और चीन वर्तमान में रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल हैं, इसलिए इस कानून का सीधा प्रभाव वैश्विक व्यापार और भारत-अमेरिका संबंधों पर पड़ सकता है।

भारत का स्पष्ट रुख: राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि

2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से ही भारत ने अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और नागरिकों को सस्ती व निर्बाध एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए रियायती दरों पर रूसी क्रूड ऑयल की खरीद की है।

अमेरिकी टैरिफ प्रस्तावों और वैश्विक दबावों के बीच नई दिल्ली ने बार-बार अपना रुख स्पष्ट किया है कि भारत की ऊर्जा खरीद नीति पूरी तरह से राष्ट्रीय हित, ऊर्जा सुरक्षा और अपने नागरिकों को किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने के संकल्प से प्रेरित है।

About The Author

इन्हें भी पढ़े