Wed. Jul 22nd, 2026

Indian Domestic Cricket Rules: भारतीय क्रिकेट में लागू हुए 5 क्रांतिकारी नियम! जानबूझकर नो बॉल फेंकने पर लगेगा बैन, ‘ड्रिंक्स ब्रेक’ में मैदान पर आ सकेंगे हेड कोच

Indian Domestic Cricket Rules: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 घरेलू सत्र (Domestic Season) के आगाज से पहले ‘प्लेइंग कंडीशंस’ (खेल की परिस्थितियों) में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बदलावों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा सुझाए गए इन संशोधनों को बीसीसीआई ने भारत के सभी राज्य क्रिकेट संघों के साथ साझा कर दिया है। यह नए नियम अगले महीने शुरू हो रही दलीप ट्रॉफी से प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगे।

इन नए संशोधनों का मुख्य उद्देश्य खेल की भावना को बनाए रखना, अनुचित लाभ उठाने की प्रवृत्तियों को रोकना और मैच के दौरान रणनीतिक पारदर्शिता लाना है। आइए जानते हैं भारतीय घरेलू क्रिकेट में हुए 5 सबसे बड़े बदलाव:

1. जानबूझकर नो-बॉल फेंकी तो पूरे मैच से सस्पेंशन

नए नियमों (नियम 41.8) के तहत सबसे बड़ा और सख्त एक्शन जानबूझकर फेंकी गई ‘फ्रंट-फुट नो-बॉल’ पर लिया जाएगा। यदि मैदान पर मौजूद अंपायरों को लगता है कि किसी गेंदबाज ने जानबूझकर पैर आगे निकालकर नो-बॉल फेंकी है, तो उसे केवल संबंधित पारी ही नहीं, बल्कि पूरे मैच के शेष हिस्से से गेंदबाजी करने से निलंबित (Suspended) कर दिया जाएगा। अब तक लागू नियमों में ऐसे मामलों में गेंदबाज को सिर्फ उस पारी विशेष के लिए गेंदबाजी से रोका जाता था।

2. आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर भी पूरा होगा ओवर

दिन के खेल के समापन को लेकर नियम 12.5.2 में बदलाव किया गया है। पुराने नियम के मुताबिक, अगर दिन के अंतिम ओवर के दौरान कोई विकेट गिरता था, तो अंपायर उसी समय स्टंप्स (दिन के खेल की समाप्ति) की घोषणा कर देते थे। लेकिन अब अगर अंतिम ओवर की किसी गेंद पर विकेट गिरता है, तब भी उस ओवर की बची हुई गेंदें पूरी कराई जाएंगी। एमसीसी का मानना था कि पुराने नियम के कारण नए बल्लेबाज को दिन के अंत में क्रीज पर उतरने का मौका नहीं मिलता था।

3. अंतिम पारी में ‘डिक्लेरेशन’ और ‘फॉरफीट’ पर रोक

नियम 15.2 में किए गए संशोधन के अनुसार, अब किसी भी मैच की अंतिम पारी (Final Innings) में कोई भी टीम अपनी पारी घोषित (Declare) करने या पारी छोड़ने (Forfeit) का विकल्प नहीं चुन सकेगी। बीसीसीआई और शासी निकायों का मानना था कि इस प्रावधान का गलत इस्तेमाल कर बनावटी या फिक्स परिणाम हासिल करने की कोशिश की जाती थी, जो खेल की मर्यादा के खिलाफ है।

4. ‘ड्रिंक्स ब्रेक’ में हेड कोच की मैदान पर एंट्री

एकदिवसीय (ODI) और लंबे प्रारूप के घरेलू मुकाबलों में अब टीमों के मुख्य कोच (Head Coach) को ‘ड्रिंक्स ब्रेक’ के दौरान मैदान के अंदर जाने की अनुमति होगी। इससे कोच मैच के अहम मोड़ पर खिलाड़ियों के साथ सीधे रणनीतिक चर्चा कर सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आईसीसी (ICC) ऐसा नियम लागू करने की तैयारी में है।

5. विकेटकीपरों को मिली बड़ी राहत

विकेटकीपिंग के नियमों को भी व्यावहारिक बनाया गया है। अब विकेटकीपर को केवल गेंद फेके जाने के सटीक क्षण (Moment of Delivery) पर ही अपने दस्ताने स्टंप्स के पीछे रखने होंगे। पहले नियम यह था कि गेंदबाज के रन-अप शुरू करते ही पूरे समय दस्ताने स्टंप्स के पीछे रहने चाहिए थे, जिससे कई बार तकनीकी आधार पर वैध गेंद को भी नो-बॉल करार दे दिया जाता था या स्टंपिंग अमान्य हो जाती थी।

राज्य संघों में जागरूकता अभियान शुरू

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दलीप ट्रॉफी से पहले राज्य क्रिकेट संघों ने अपने अंपायरों और मैच रेफरी को नए नियमों की जानकारी देना शुरू कर दिया है। बोर्ड मैच अधिकारियों और कप्तानों के लिए विशेष जागरूकता वर्कशॉप का आयोजन भी कर रहा है ताकि इन ऐतिहासिक बदलावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

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