NEET विवाद पर अन्ना हजारे की एंट्री, पीएम मोदी को लिखा पत्र; छात्रों के समर्थन में करेंगे मौन आंदोलन
नई दिल्ली। कथित NEET पेपर लीक मामले और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखते हुए छात्रों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही घोषणा की है कि वह छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन करेंगे।
20 जुलाई की घटना का किया उल्लेख
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन और संवाद का सम्मान होना चाहिए तथा ऐसे मामलों का समाधान बातचीत से निकलना चाहिए।
कल दो घंटे का मौन आंदोलन करेंगे
अन्ना हजारे ने बताया कि वह अहिल्यानगर के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रतीकात्मक मौन आंदोलन करेंगे। आंदोलन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से ‘नगर का जंतर-मंतर’ नाम दिया जाएगा।
‘दमन नहीं, संवाद होना चाहिए’
अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना संवाद और सहमति पर आधारित होती है। उनका मानना है कि छात्रों की समस्याओं को बल प्रयोग या दमन से नहीं, बल्कि बातचीत और विश्वास के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी मांगों का समाधान निकाला जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था को लेकर पैदा हुई चिंताओं का सकारात्मक समाधान संभव हो सके।
आंदोलन पर रहेगी नजर
NEET विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच अन्ना हजारे के इस मौन आंदोलन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि सरकार उनकी अपील पर क्या रुख अपनाती है।

