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राहुल गांधी की PC : ”10 साल में 152 पेपर लीक हुए, जो पुलिस वाले मुझे पकड़ रहे थे, वही बोले- इस सरकार को हटाइए”,

राहुल गांधी

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने NEET, पेपर लीक की घटनाओं, छात्र आंदोलन और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई ने शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘पुलिसकर्मी भी सरकार से खुश नहीं’ – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के समय कुछ पुलिसकर्मियों ने भी उनसे असंतोष जताया। उन्होंने कहा, “जो पुलिस वाले मुझे घसीटकर ले जा रहे थे, वही कान में कह रहे थे कि इस सरकार को हटाइए। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि मैं राजस्थान से हूं, इस सरकार को हटाइए। दूसरे ने कहा कि हम केवल आदेश का पालन कर रहे हैं। दिल्ली में जो हुआ, उससे पुलिस वाले भी खुश नहीं हैं।”

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उनके अनुसार, छात्र केवल निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार तनाव और अनिश्चितता के कारण कई छात्र गंभीर मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

’10 साल में 152 पेपर लीक हुए’

राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले एक दशक में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि औसतन हर महीने किसी न किसी बड़ी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आई, लेकिन अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही इन घटनाओं से शिक्षा व्यवस्था भरोसे के संकट का सामना कर रही है और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

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शिक्षा व्यवस्था और परिवारों पर आर्थिक बोझ

राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों को भारी आर्थिक खर्च उठाना पड़ता है। उनके मुताबिक, हर वर्ष NEET परीक्षा की तैयारी और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं पर अभिभावक लगभग उतनी ही राशि खर्च करते हैं, जितना केंद्र सरकार पूरे शिक्षा बजट पर खर्च करती है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ता है, जो अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्षों की बचत खर्च करते हैं।

राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं— केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट और कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और उनके अधिकारों की मांग का समर्थन करती रहेगी।

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