Tue. Jul 14th, 2026

अतिथि व्याख्याताओं ने मंत्री आवास का किया घेराव, बोले- हम दिहाड़ी मजदूर नहीं… ₹57,700 एकमुश्त वेतन दो

अतिथि व्याख्याता

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अतिथि व्याख्याताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। बड़ी संख्या में व्याख्याता राजधानी रायपुर स्थित उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के शंकर नगर स्थित सरकारी आवास पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखी, लेकिन बातचीत के बाद भी किसी ठोस सहमति पर बात नहीं बन सकी।

एकमुश्त मानदेय समेत कई मांगें रखीं

प्रदर्शन में शामिल अतिथि व्याख्याताओं ने सरकार के समक्ष ₹57,700 एकमुश्त मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा, वर्षभर का कार्यकाल, सवैतनिक अवकाश, सम्मानजनक पदनाम और नीति-2024 में आवश्यक संशोधन जैसी प्रमुख मांगें रखीं। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था उनके हितों के अनुरूप नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल ने रखी अपनी बात

व्याख्याताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात के दौरान अपनी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार उन्होंने नियमित मासिक मानदेय की मांग दोहराई, जबकि चर्चा के दौरान प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान की व्यवस्था का उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला।

read more : सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं जीनत अमान, 17 दिन की भूख हड़ताल पर जताई चिंता

वार्ता के बाद भी जारी रहा विरोध

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि बातचीत के बाद समाधान नहीं निकलने पर प्रदर्शनकारी व्याख्याताओं ने मंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा और मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

‘हम शिक्षक हैं, दिहाड़ी मजदूर नहीं’

अतिथि व्याख्याता लव कुमार वर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि अतिथि व्याख्याताओं को प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि शिक्षकों के कार्य की प्रकृति को देखते हुए उन्हें सम्मानजनक एकमुश्त मासिक वेतन और सवैतनिक अवकाश मिलना चाहिए।

सेवा शर्तों में सुधार की मांग

व्याख्याताओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के सम्मान, स्थिर सेवा शर्तों और बेहतर कार्य व्यवस्था के लिए है। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

About The Author