AI पर नए कानून की तैयारी में केंद्र सरकार, IT सचिव ने दिए बड़े संकेत
नई दिल्ली: ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार अब देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक खास कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि अब AI के लिए एक अलग रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और कानून बनाने पर गंभीरता से विचार करने का समय आ गया है। एस. कृष्णन ने कहा कि अभी डीपफेक, AI से तैयार फर्जी ऑडियो-विडियो और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए मौजूदा IT कानूनों और नियमों का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन AI तकनीक जिस तेजी से विकसित हो रही है, उसे देखते हुए अब अतिरिक्त कानून की जरूरत महसूस हो रही है।
यूजरनेम फीचर को लेकर सरकार ने मांगा जवाब
इस बीच, केंद्र सरकार ने WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग प्लैटफॉर्म पर मौजूद यूजरनेम फीचर को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। IT सेक्रेटरी ने शुक्रवार को कहा कि इस फीचर से साइबर क्राइम और फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी होने का गंभीर खतरा है। इसलिए सरकार ने इन कंपनियों से जवाब मांगा है। Telegram और Signal को भी नोटिस भेजे गए हैं, जहाँ यह फीचर पहले से ही मौजूद है।
बढ़ जाता है साइबर अपराध का खतरा
साइबर सुरक्षा समिट के दौरान एस. कृष्णन ने कहा कि यूजरनेम फीचर से अपनी असली पहचान छिपाकर दूसरों का रूप धारण करना आसान हो सकता है, जिससे साइबर अपराधियों को एक नया जरिया मिल सकता है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट भी “डिजिटल अरेस्ट” से जुड़े एक मामले में इस विषय पर विचार कर रहा है और यूजरनेम फीचर साइबर अपराध के एक नए पहलू के तौर पर सामने आया है। IT सेक्रेटरी ने यह भी कहा कि AI से जुड़े कानूनों पर चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है।
बाल यौन शोषण ऐड पर मेटा पर सख्ती
केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट वाले विज्ञापनों के आरोपों को लेकर मेटा को तलब करने का फैसला किया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मेटा को नोटिस जारी करें और उनसे जवाब मांगें। इस हफ्ते मेटा के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मेटा से पूछा जाएगा कि मंजूरी मिलने के बाद ऐसे विज्ञापन कैसे चले, आरोप सामने आने के बाद उसने क्या कार्रवाई की, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। यह कदम BBC की एक खोजी रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर “रेप वीडियो” और “चाइल्ड वीडियो” जैसे शब्दों वाले विज्ञापन दिखाई दिए थे। (एजेंसी)

