अयोध्या में योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी और राम मंदिर को लेकर कांग्रेस-सपा पर साधा निशाना
432 करोड़ रुपये से अधिक की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, मुख्यमंत्री बोले- अयोध्या की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता जवाब दे रही है
Ayodhya. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या दौरे के दौरान 432 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ-साथ अयोध्या, राम मंदिर और हनुमानगढ़ी को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में हनुमानगढ़ी में कथित रूप से नमाज पढ़े जाने के पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज धर्म और आस्था की बातें करते हैं, उन्हीं के शासनकाल में अयोध्या की पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई थी।
उन्होंने कहा, “क्या किसी जामा मस्जिद में कभी हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा सकता है? क्या कोई सरकार ऐसा करा पाएगी? क्या कांग्रेस या समाजवादी पार्टी ऐसा करवा पाएगी? यदि ऐसा संभव नहीं है, तो फिर अयोध्या की हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर ऐसा क्यों कराया गया? यह पाप क्यों कराया गया?” मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र अयोध्या और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र धार्मिक स्थल पर ऐसी घटनाएं धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है और प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन स्पष्ट नीति, मजबूत नेतृत्व और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इन दलों ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं और भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन दलों की नीतियों के कारण अयोध्या की पहचान और विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद अयोध्या में विकास कार्यों को नई गति मिली है। धार्मिक पर्यटन, सड़क और परिवहन सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो राजनीतिक दल पहले अयोध्या के विकास का विरोध करते थे, वे आज इस बदलाव को देखकर असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को दशकों तक पूरा नहीं किया जा सका, वे अब तेजी से पूरे हो रहे हैं। उन्होंने अयोध्या में बने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन को प्रदेश के विकास की नई पहचान बताया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 432 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कुल 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, सीवरेज, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को समान प्राथमिकता देना है, ताकि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

