Jaipur Metro Phase-2 का इंतजार खत्म, PM मोदी 4 जुलाई को करेंगे शिलान्यास
Jaipur Metro Phase-2: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई, 2026 को जयपुर मेट्रो फेज 2 की आधारशिला डिजिटल रूप से रखने के लिए राजस्थान का दौरा करेंगे। इस बड़े प्रोजेक्ट को केंद्र और राज्य सरकारों से सभी जरूरी कानूनी और वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है, और जमीन पर शुरुआती सिविल निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जयपुर के सांगानेर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। 13,037.66 करोड़ के बजट वाला यह नया नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर मेट्रो नेटवर्क के जरिए जयपुर शहर के एक छोर को दूसरे छोर से सीधे जोड़ेगा, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों, छात्रों और आम जनता को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, ऐसी भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान बाड़मेर में पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन भी कर सकते हैं।
जानिए क्या है पूरा रूट मैप?
जयपुर मेट्रो का यह नया फेज-2 कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्त, घनी आबादी वाले और कमर्शियल रूप से अहम इलाकों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। यह पूरी लाइन उत्तर में सीकर रोड पर टोडी मोड़ से शुरू होकर दक्षिण में टोंक रोड पर प्रहलादपुरा तक जाएगी। 41 से 42.80 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के ज़रिए जयपुर के सबसे व्यस्त इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
फेज-1 और फेज-2 को जोड़ेंगे इंटरचेंज स्टेशन
यात्रियों की सुविधा के लिए, जयपुर मेट्रो प्रशासन चांदपोल और गवर्नमेंट हॉस्टल के पास खास इंटरचेंज स्टेशन बना रहा है। इससे मानसरोवर और बड़ी चौपड़ के बीच चल रही मौजूदा मेट्रो लाइन (फेज़-1) के यात्री स्टेशन से बाहर निकले बिना आसानी से ट्रेन बदलकर नई नॉर्थ-साउथ लाइन (फेज़-2) पर यात्रा कर सकेंगे।
सांगानेर से एयरपोर्ट के बीच स्पेशल अंडरग्राउंड स्टेशन
जयपुर मेट्रो फेज-2 की सबसे अहम तकनीकी और आधुनिक विशेषता इसकी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी है। देश-विदेश से जयपुर आने वाले पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को विश्व-स्तरीय सुविधाएं देने के लिए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉम्प्लेक्स के अंदर एक शानदार मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षा कारणों और एयरपोर्ट के संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए, सांगानेर और एयरपोर्ट के बीच मेट्रो को पूरी तरह से जमीन के नीचे चलाने का प्रावधान किया गया है। इस पूरे फेज-2 कॉरिडोर पर कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 34 स्टेशन एलिवेटेड (जमीन के ऊपर पिलर पर बने) होंगे, जबकि केवल दो स्टेशन पूरी तरह से जमीन के नीचे होंगे।
4 अलग-अलग पैकेज में बंटा काम
13,037.66 करोड़ के इस बड़े प्रोजेक्ट को तय समय-सीमा में पूरा करने के लिए, राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMRCL) ने पूरे रूट को चार अलग-अलग पैकेज में बांटा है। RMRCL, भारत सरकार और राजस्थान सरकार के बीच 50:50 की हिस्सेदारी वाली एक जॉइंट वेंचर कंपनी है।
पैकेज़-1 का ताजा स्टेटस
प्रोजेक्ट के पहले चरण—पैकेज 1—के तहत, प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर लंबे रूट के लिए काम का कॉन्ट्रैक्ट (LOA) आधिकारिक तौर पर सैम इंडिया और सीगल इंडिया के जॉइंट वेंचर को दिया गया है। टोंक रोड पर बड़े मेट्रो पिलर बनाने की तैयारी के लिए जमीनी काम, जिसमें सिविल इंजीनियरों की टीमों द्वारा द्वारा मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) का जमीनी काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।(एजेंसी)

