Wed. Oct 28th, 2026

सूडान में आसमान से बरसी मौत: बाजार में खरीदारी कर रहे लोगों पर ड्रोन स्ट्राइक, 112 की मौत

खार्तूम। गृहयुद्ध झेल रहे अफ्रीकी देश सूडान में आम नागरिकों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दक्षिण दारफुर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र न्याला में सोमवार की शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक भीड़भाड़ वाले बाजार को निशाना बनाकर ड्रोन स्ट्राइक कर दी गई। इस हमले में 112 निर्दोष नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

खरीदारी के वक्त गिरा विस्फोटक

स्थानीय मानवाधिकार निगरानी समूहों के अनुसार, यह हमला न्याला के डुमाया इलाके में स्थित प्रसिद्ध तनकोंग बाजार में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम के समय बाजार में भारी चहल-पहल थी। लोग रोजमर्रा का जरूरी सामान खरीद रहे थे और दुकानों पर चाय-नाश्ता कर रहे थे, तभी बिना किसी चेतावनी के अचानक एक ड्रोन ने बाजार के बीचों-बीच भारी विस्फोटक गिरा दिया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा जुटाए गए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

आरएसएफ ने सेना पर लगाया हमले का आरोप

न्याला शहर इस समय विद्रोही अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेज’ (RSF) के नियंत्रण में है। हमले के तत्काल बाद आरएसएफ ने आधिकारिक बयान जारी कर सूडानी सशस्त्र बलों यानि सूडानी सेना को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और इसे निहत्थे नागरिकों के खिलाफ खुला अपराध बताया। अर्धसैनिक संगठन ने इस पूरे मामले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। वहीं, सूडानी सेना की तरफ से इस हमले के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अस्पतालों में मची अफरा-तफरी

अंतर्राष्ट्रीय राहत व मानवीय संस्था डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने जमीनी हालात की पुष्टि करते हुए बताया कि हमले के तुरंत बाद न्याला स्थित उनके अस्पताल में 36 शव लाए गए। इसके अलावा अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में 150 से अधिक जख्मी लोगों को भर्ती कराया गया, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक है। इलाके में डॉक्टरों, आवश्यक दवाओं और सर्जिकल उपकरणों की भारी कमी के कारण गंभीर मरीजों का इलाज करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

रिहायशी इलाकों में ड्रोन हमलों से बढ़ा खतरा

सूडानी सेना और आरएसएफ के बीच जारी सत्ता संघर्ष में आधुनिक हथियारों और विस्फोटक ड्रोनों का बढ़ता प्रयोग आम जनता के लिए काल बन चुका है। सैन्य ठिकानों के बजाय रिहायशी इलाकों, शरणार्थी बस्तियों और सार्वजनिक बाजारों को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ही विवादित अब्येई इलाके के एक बाजार पर हुए ऐसे ही ड्रोन अटैक में 150 से अधिक आम नागरिकों की जान चली गई थी। लगातार हो रहे इन हमलों से सूडान में मानवीय त्रासदी गहराती जा रही है।

About The Author