Wed. May 6th, 2026

शनिश्चरी अमावस्या पर शनि जयंती! बन रहा खास योग, बदल सकता है भाग्य

शनिश्चरी अमावस्या पर बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें पूजा मुहूर्त और उपाय, दान-पुण्य और उपायों से दूर होंगे कष्ट

 

Shani Jayanti 2026 : शनि जयंती इस बार बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि 16 मई को शनिश्चरी अमावस्या के साथ इसका दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन शनिदेव का जन्म हुआ था, इसलिए इसे शनि जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

 

स्कंद पुराण सहित अन्य ग्रंथों में बताया गया है कि जब शनि जयंती शनिवार के दिन पड़े तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस बार अमावस्या, शनिवार और चंद्रमा के राशि परिवर्तन का विशेष योग बन रहा है, जिसे शनि कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है।

 

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए दान, पूजा और तर्पण से पापों का क्षय होता है और जीवन की बाधाएं दूर होने लगती हैं। खासतौर पर जिन लोगों पर साढ़ेसाती या ढैया का प्रभाव है, उनके लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।

 

शनि जयंती 2026: तिथि और पूजा मुहूर्त

ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई सुबह 4:12 बजे से शुरू होकर 17 मई तड़के 1:31 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार शनि जयंती 16 मई को ही मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:05 बजे से 8:23 बजे तक रहेगा।

 

शनि जयंती पर करें ये उपाय

दान का महत्व

इस दिन सरसों का तेल, काले तिल, काली उड़द, काला कपड़ा, छाता और अनाज का दान करना शुभ माना जाता है। इससे शनि दोष कम होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

सरसों का तेल अर्पित करें

शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।

छाया दान करें

एक कटोरी में तेल, काले तिल और सिक्का डालकर उसमें अपना चेहरा देखकर दान करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैया के प्रभाव में कमी आती है।

पीपल के नीचे दीपक जलाएं

पीपल के पेड़ के नीचे चौमुखा दीपक जलाकर ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

प्रिय भोग अर्पित करें

शनिदेव को काले तिल, उड़द दाल, खिचड़ी, गुड़ और भुना चना का भोग लगाने से वे प्रसन्न होते हैं और कष्टों का निवारण करते हैं।

 

यह दिन न केवल पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का भी अवसर देता है।

 

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