Wed. Aug 5th, 2026

₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों पर RBI का बड़ा अपडेट, सामने आई लॉन्च की जानकारी

नईदिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को अपनी एमपीसी बैठक के परिणाम घोषित करते हुए रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया और एक और महत्वपूर्ण अपडेट दिया। यह अपडेट पॉलीमर नोटों से संबंधित है (आरबीआई ऑन प्लास्टिक करेंसी नोट्स)। हाल ही में, मोदी सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलीमर करेंसी नोट जारी करने के केंद्रीय बैंक के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, और अब रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा है कि इन्हें वित्त वर्ष 2028 की शुरुआत में जारी किया जाएगा।

रिजर्व बैंक ने तय किया ये टारगेट

आरबीआई एमपीसी के नतीजों की घोषणा करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि आरबीआई का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 की शुरुआत तक पॉलीमर करेंसी नोटों, यानी प्लास्टिक नोटों को प्रचलन में लाना है और इसके लिए तैयारियां जारी हैं। एमपीसी बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने बताया कि पॉलीमर नोटों के लिए एक पायलट कार्यक्रम चल रहा है और बाजार में इन्हें लाने से पहले इनका परीक्षण और मूल्यांकन किया जाएगा।

मोदी सरकार दे चुकी है मंजूरी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबी) द्वारा 10-20 रुपये के प्लास्टिक नोटों के संबंध में जारी किया गया यह महत्वपूर्ण अपडेट वित्त मंत्रालय द्वारा संसद में इस प्रस्ताव को हाल ही में मंजूरी दिए जाने के बाद आया है। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल ही में 10 और 20 रुपये के मूल्यवर्ग के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। संसद में पॉलिमर (प्लास्टिक) नोटों से संबंधित जानकारी साझा करते हुए, मोदी सरकार ने बताया कि 10 और 20 रुपये के 100 करोड़ (एक अरब) पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। सफल ट्रायल के बाद, इन प्लास्टिक नोटों को नियमित रूप से जारी करने की योजना है।

मौजूदा कागजी नोटों का क्या होगा?

सरकार ने 10-20 रुपये के प्लास्टिक नोटों के परीक्षण को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया कि इसका वर्तमान में प्रचलन में मौजूद कागजी नोटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसका अर्थ यह है कि कागजी नोट बंद नहीं किए जाएंगे, बल्कि पॉलिमर नोटों के साथ-साथ इनका प्रचलन जारी रहेगा। सरकार ने कहा है कि फिलहाल कागजी मुद्रा को पूरी तरह से पॉलिमर नोटों से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।पॉलिमर नोटों का जीवनकाल मौजूदा कागजी नोटों से अधिक बताया जा रहा है। हालांकि, प्लास्टिक नोटों से जुड़ी यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। नियमित रूप से जारी होने के बाद ही डिजिटल भुगतान पर इसके प्रभाव का आकलन किया जाएगा।

इन देशों में आ चुके हैं प्लास्टिक नोट

भारत में प्लास्टिक के नोटों को प्रचलन में लाने की प्रक्रिया चल रही है और ये पहली बार प्रचलन में आने वाले हैं। हालांकि, इन प्लास्टिक नोटों को सबसे पहले 1988 में ऑस्ट्रेलिया में पेश किया गया था और अब इनका उपयोग 50 से अधिक देशों में होता है। इनकी खास बात यह है कि ये पॉलिमर नोट न केवल पारंपरिक कागजी मुद्रा से अधिक टिकाऊ होते हैं, बल्कि इनकी नकल करना भी अधिक कठिन होता है।(एजेंसी)

About The Author