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‘सुप्रीम कोर्ट ने सुझाए थे 8 नाम, केंद्र ने दिल्ली के लिए एक क्यों रोका?’ हाई कोर्ट्स में 14 नए जजों की नियुक्ति से जुड़ा बड़ा अपडेट

नई दिल्ली। देशभर की उच्च अदालतों में मुकदमों की बढ़ती पेंडेंसी को कम करने और अदालती कामकाज में तेजी लाने के मकसद से केंद्र सरकार ने शनिवार को बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश के चार प्रमुख उच्च न्यायालयों में 14 न्यायिक अधिकारियों को स्थायी और अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नवनियुक्त जजों की आधिकारिक सूची साझा करते हुए इस प्रशासनिक निर्णय की पुष्टि की।

सीजेआई के परामर्श से राष्ट्रपति ने लगाई अंतिम मुहर

केंद्रीय कानून मंत्री के अनुसार, यह नियुक्तियां संविधान प्रदत्त शक्तियों के तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से गहन विचार-विमर्श के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति से की गई हैं। लंबे समय से उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के कई पद रिक्त पड़े थे, जिससे मुकदमों की सुनवाई में देरी हो रही थी। केंद्र सरकार की इस नई अधिसूचना से अदालतों की कार्यक्षमता में इजाफा होने और जनता को समय पर न्याय मिलने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली हाई कोर्ट में 7 जजों की तैनाती, कॉलेजियम के एक नाम पर सस्पेंस

इस फेरबदल का सबसे अहम पहलू दिल्ली हाई कोर्ट रहा, जहां कुल 7 नए न्यायिक अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। इनमें निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि संजय शर्मा, भरत पाराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और वर्तमान रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को दिल्ली के लिए 8 न्यायिक अधिकारियों की सिफारिश भेजी थी, लेकिन केंद्र ने फिलहाल 7 नामों को ही हरी झंडी दी है। दिल्ली हाई कोर्ट में 60 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 44 जज कार्यरत थे, जिससे 16 पद खाली पड़े थे; इन नियुक्तियों से अदालत का बोझ काफी हद तक कम होगा।

झारखंड, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर की अदालतों को भी मिले नए चेहरे

राजधानी दिल्ली के अतिरिक्त अन्य राज्यों के उच्च न्यायालयों में भी रिक्तियों को भरने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। झारखंड हाई कोर्ट में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के रूप में 3 नए जजों की नियुक्ति की गई है, जिससे वहां कार्यरत जजों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो जाएगी। वहीं कर्नाटक हाई कोर्ट में उषा रानी, के.एस. भरत कुमार और नेराले वीरभद्रैया भवानी को अतिरिक्त जज बनाया गया है, जिसके साथ ही वहां जजों की कुल संख्या 54 से बढ़कर 57 पर पहुंच गई है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर न्यायिक अधिकारी यश पॉल बोर्नी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का नया जज नियुक्त किया गया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में मदद मिलेगी।

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