फोन चार्ज में लगाते ही खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट! रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर भूलकर भी न करें यह गलती
अगर आप यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड या मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बने पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों (Public Charging Stations) पर अपना स्मार्टफोन चार्ज करते हैं, तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है। साइबर क्रिमिनल्स ने लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए एक नया और बेहद खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है, जिसे ‘जूस जैकिंग स्कैम’ (Juice Jacking Scam) कहा जा रहा है।
इस स्कैम के जरिए हैकर्स पब्लिक प्लेस पर लगे चार्जिंग पोर्ट्स या केबल्स में बदलाव कर देते हैं। जैसे ही आप अपने फोन को चार्ज करने के लिए यूएसबी (USB) केबल से जोड़ते हैं, आपके फोन में हिडन मालवेयर (Malware) या वायरस इंजेक्ट हो जाता है।
कैसे काम करता है ‘जूस जैकिंग स्कैम’?
स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली डेटा/चार्जिंग केबल सिर्फ फोन को चार्ज ही नहीं करती, बल्कि डेटा ट्रांसमिशन का काम भी करती है। हैकर्स इसी तकनीकी खामी का फायदा उठाते हैं:
- डेटा और OTP की चोरी: फोन में घुसा वायरस आपकी बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड्स और बैंक से आने वाले एसएमएस/ओटीपी (OTP) को तुरंत हैकर के सर्वर तक पहुंचा देता है।
- निजी फोटोज और डिजिटल अरेस्ट का खतरा: इसके अलावा हैकर्स आपके फोन की गैलरी से पर्सनल तस्वीरें और कॉन्टैक्ट्स भी चुरा लेते हैं। बाद में वे आपको ब्लैकमेल करने या फर्जी ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के नाम पर डराकर पैसे ऐंठने का काम करते हैं।
जूस जैकिंग से बचने के 4 आसान तरीके
खुद का एडॉप्टर इस्तेमाल करें: पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर सीधे यूएसबी पोर्ट में केबल लगाने के बजाय दीवार पर लगे नॉर्मल पावर प्लग-सोकेट में अपना खुद का चार्जर/एडॉप्टर लगाकर ही चार्ज करें।
पावर बैंक साथ रखें: यात्रा के दौरान इमरजेंसी चार्जिंग के लिए पोर्टेबल चार्जर या पावर बैंक (Power Bank) का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
‘Trust This Device’ पर गलती से भी टैप न करें: अगर पब्लिक पोर्ट में फोन कनेक्ट करते ही स्क्रीन पर ‘Trust this computer/device’ या ‘Allow Data Transfer’ का पॉप-अप/प्रॉम्प्ट दिखे, तो उसे तुरंत ‘Cancel’ या ‘Deny’ कर दें।
डेटा-ओनली यूएसबी ब्लॉकर का उपयोग करें: मार्केट में ‘USB Data Blocker’ नाम के छोटे कनेक्टर्स मिलते हैं, जो केबल से डेटा ट्रांसफर की पिन को ब्लॉक कर देते हैं और केवल पावर/चार्जिंग की अनुमति देते हैं।
अगर फ्रॉड हो जाए तो तुरंत क्या करें?
यदि आप किसी भी तरह के ऑनलाइन या साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो बिना समय गंवाए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आप सरकार के पोर्टल/ऐप ‘संचार साथी’ (Sanchar Saathi) पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में संपर्क कर सकते हैं।

