मक्का के पास हूती विद्रोहियों का ड्रोन मार गिराया गया: भारत ने जताई गंभीर चिंता, कहा- ‘धार्मिक स्थलों पर खतरा अस्वीकार्य’
नई दिल्ली। सऊदी अरब के मुकद्दस शहर मक्का के निकट यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन हमले के प्रयास पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने इस घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए साफ किया कि किसी भी देश की क्षेत्रीय संप्रभुता के उल्लंघन, नागरिक जीवन को खतरे में डालने और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाली हर हरकत पूरी तरह अस्वीकार्य और निंदनीय है।
विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया मक्का का धार्मिक महत्व
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए भारत का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मक्का पूरी दुनिया के करोड़ों मुसलमानों के लिए सर्वोच्च आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके करीब हुई इस तरह की हिंसक घटना विशेष रूप से चिंता पैदा करने वाली है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर हमें गहरी चिंता है। भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और नागरिकों के जीवन तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का अत्यंत पवित्र महत्व है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत इस पूरे क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद करता है।
सऊदी एयर डिफेंस ने सीमा में घुसने से पहले ही किया तबाह
यह घटना मंगलवार शाम करीब 6:50 बजे की है, जब हूती मिलिशिया द्वारा भेजा गया एक हथियारबंद ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। यमन में वैध सरकार की बहाली के लिए गठित गठबंधन सेना के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि ‘रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्स’ ने मुस्तैदी दिखाते हुए मक्का के दक्षिणी हिस्से में इस ड्रोन को आसमान में ही इंटरसेप्ट कर पूरी तरह नष्ट कर दिया।
‘तीर्थयात्रियों में दहशत फैलाने की कायराना कोशिश’
प्रवक्ता ने बताया कि मक्का को निशाना बनाने का यह दूसरा प्रयास था। इससे पूर्व जुलाई 2017 में भी बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए ऐसा ही हमला करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने इसे एक आतंकी और शर्मनाक कृत्य करार देते हुए कहा कि इसका एकमात्र मकसद उमराह के लिए पहुंचे तीर्थयात्रियों में खौफ पैदा करना और वैश्विक मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना था। सऊदी गठबंधन ने साफ चेतावनी दी है कि दोनों पवित्र मस्जिदों और उमराह यात्रियों की सुरक्षा एक ‘रेड लाइन’ है और हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

