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मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस और सॉफ्ट पावर… PM मोदी ने लाल किले से समझाया सुपरपॉवर भारत का 7 सूत्रीय विजन

नई दिल्ली। भारत की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के भविष्य का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है। पीएम मोदी ने भारत की प्राचीन ‘सप्त सिंधु’ सभ्यता का स्मरण करते हुए देशवासियों को विकास की 7 धाराओं यानी ‘सप्त शक्ति’ का नया मंत्र दिया।

आने वाले दशकों में भारत दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति कैसे बनेगा, इसे लेकर प्रधानमंत्री ने 7 बड़े लक्ष्य (Targets) निर्धारित किए हैं, जिन पर अब पूरा देश फोकस करेगा।

भविष्य के भारत को गढ़ने वाले 7 प्रमुख लक्ष्य:

ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग का हब बनना

प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भारत को अब छोटे पुर्जों से लेकर बड़ी मशीनों तक का निर्माण खुद करना होगा। लक्ष्य सिर्फ प्रोडक्शन नहीं, बल्कि ‘डिजाइनिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग’ तक दुनिया का मुख्य केंद्र (Hub) बनना है।

दुनिया की रसोई तक भारतीय स्वाद (फूड प्रोसेसिंग)

भारत के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए फूड प्रोसेसिंग दूसरा बड़ा टारगेट है। पीएम ने कहा कि हमारे फल, फूल, मसाले और कृषि उत्पादों को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने के लिए इस सेक्टर का तेजी से विस्तार किया जाएगा।

तकनीक और डिजिटल इनोवेशन

डिजिटल इकॉनमी आज दुनिया का भविष्य है। यूपीआई (UPI) की वैश्विक सफलता का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि भारत ने तकनीक में अपना लोहा मनवाया है, और अब हमें अपनी डिजिटल क्रांति को और अधिक आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार (गति शक्ति)

देश के कामकाज में तेजी लाने के लिए पीएम मोदी ने ‘गति शक्ति’ को चौथा लक्ष्य बताया। इसके तहत विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों के निर्माण से कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्टेशन की स्पीड बढ़ाई जाएगी।

रक्षा क्षेत्र में ‘हुंकार’ (आत्मनिर्भर डिफेंस)

रणनीतिक रूप से सबसे अहम इस शक्ति का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, “हम दुनिया में सिर्फ बाजार बनकर नहीं रह सकते।” भारत को अब रक्षा उपकरणों, ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का ग्लोबल सप्लायर बनना होगा। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा के मोर्चे पर भी देश को अभेद्य बनाया जाएगा।

ग्रीन और ब्लू इकॉनमी से समाधान

जब दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रही है, तब भारत समाधान पेश कर रहा है। पीएम मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन मोबिलिटी को भविष्य बताया। साथ ही, तटीय पर्यटन और मत्स्य पालन के जरिए समुद्री अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के अपार अवसरों को भुनाने का लक्ष्य रखा।

भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का दुनिया में डंका

सातवें और अंतिम लक्ष्य के रूप में पीएम ने भारत की सांस्कृतिक ताकत (Soft Power) को गिनाया। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद ने दुनियाभर का विश्वास जीता है। अब हमारे सिनेमा, डिजिटल कॉन्टेंट और संगीत के जरिए दुनिया को दिशा दिखाने का वक्त आ गया है।

लाल किले से दिया गया पीएम मोदी का यह भाषण सिर्फ एक संबोधन नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का सीधा एक्शन प्लान है। इन 7 शक्तियों के जरिए भारत अपनी आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक सीमाओं का वैश्विक विस्तार करने के लिए तैयार है।

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