दिल्ली में 3.5 घंटे चला विपक्ष का चक्रव्यूह: राहुल, ममता और उद्धव ने मिलकर तय कर दिए वो 6 बड़े कदम!
दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बुधवार 30 सितंबर 2026 को विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की एक निर्णायक और रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) की भूमिका, मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों और SIR से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि गठबंधन के सभी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए साझा जमीन पर उतरने को पूरी तरह तैयार हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन जुटे दिग्गज, 6 बिंदुओं पर तैयार हुआ साझा रोडमैप
विपक्षी समन्वय की इस अहम बैठक में कई प्रमुख नेताओं ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी की, जबकि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कुछ शीर्ष नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने जानकारी दी कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आगामी रणनीति को लेकर कई व्यावहारिक सुझाव दिए। बैठक के दौरान विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कुल 6 मुख्य बिंदुओं पर आम सहमति बनी, जिसके तहत विपक्षी दल चुनावी व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को जनता के बीच ले जाएंगे।
2 से 8 अक्टूबर तक हर जिले में ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा और प्रदर्शन
बैठक का सबसे अहम नतीजा राष्ट्रव्यापी जमीनी आंदोलन के रूप में सामने आया है। गठबंधन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि आगामी 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से 8 अक्टूबर तक देश के कोने-कोने में ‘Save Democracy’ यानी ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला जाएगा। इसके तहत प्रत्येक जिले में विशाल रैलियां, पदयात्राएं और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। विपक्षी नेतृत्व ने अपनी सभी सहयोगी पार्टियों के कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्षरत नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि मतदाता सूचियों की गड़बड़ियों को व्यापक जनमुद्दा बनाया जा सके।
अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राष्ट्रपति से मिलेगा विपक्षी प्रतिनिधिमंडल
आंदोलन के समानांतर विपक्षी दल इस मामले में संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग भी करेंगे। खरगे ने बताया कि INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में भारत की राष्ट्रपति से मिलने का औपचारिक समय मांगेगा। इस प्रस्तावित मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक दखल और मतदाता सूचियों की निष्पक्षता से जुड़ी चिंताओं से अवगत कराया जाएगा, ताकि संवैधानिक स्तर पर इन संस्थागत विसंगतियों का समाधान तलाशा जा सके।
चुनाव आयोग पर कड़े आरोप, सीईसी के इस्तीफे की मांग दोहराई
बैठक के समापन पर कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के रिश्तों को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक स्वायत्तता को दरकिनार कर चुनाव आयोग को केंद्र सरकार के राजनीतिक निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। खरगे ने सीधे तौर पर शीर्ष सत्ता पक्ष पर संस्थाओं को नियंत्रित करने का आरोप मढ़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर दोबारा सवाल उठाए और विपक्ष की उस मांग को रेखांकित किया जिसमें चुनावी निष्पक्षता की बहाली के लिए नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता जताई गई थी।

