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प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक में वैश्विक चुनौतियों पर मंथन, पीएम मोदी ने की समीक्षा

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (PM-EAC) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और नीति विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया तथा मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भारत की विकास रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते आर्थिक हालात और उनके भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का भी आकलन किया गया।

मिडिल ईस्ट संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हुई चर्चा

बैठक में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव और संघर्ष का वैश्विक बाजारों तथा भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर विशेष प्रस्तुति दी गई। विशेषज्ञों ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश और सप्लाई चेन से जुड़े संभावित जोखिमों पर अपने विचार रखे। साथ ही भारत की आर्थिक मजबूती बनाए रखने और विकास दर को गति देने के लिए विभिन्न नीतिगत विकल्पों पर भी चर्चा हुई।

‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर फोकस

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक में आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने और उद्योग-व्यापार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने, निवेश आकर्षित करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उपायों पर जोर दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास भी मौजूद रहे।

क्या है प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद?

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (PM-EAC) एक स्वतंत्र विशेषज्ञ निकाय है, जो प्रधानमंत्री को आर्थिक और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सलाह देता है। परिषद का उद्देश्य आर्थिक नीतियों को अधिक प्रभावी और भविष्य उन्मुख बनाना है। वर्तमान में परिषद की अध्यक्षता अर्थशास्त्री एस. महेंद्र देव कर रहे हैं, जबकि इसमें कई पूर्णकालिक और अंशकालिक सदस्य शामिल हैं।

आर्थिक नीतियों को दिशा देने में अहम भूमिका

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद का दायित्व देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों का अध्ययन कर सरकार को सुझाव देना है। परिषद समय-समय पर आर्थिक चुनौतियों, विकास योजनाओं और सुधारों पर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें प्रस्तुत करती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री द्वारा सौंपे गए विशेष विषयों पर भी यह निकाय विश्लेषण और परामर्श प्रदान करता है।

विकास की गति बनाए रखने पर जोर

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत को अपनी विकास यात्रा को मजबूत बनाए रखना होगा। विशेषज्ञों ने निवेश, रोजगार, उत्पादन और नवाचार को बढ़ावा देने वाले उपायों पर भी चर्चा की, ताकि देश की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में भी मजबूती के साथ आगे बढ़ सके।

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