पटना में छात्रों का प्रदर्शन: बैरिकेडिंग तोड़कर सीएम आवास की ओर बढ़े हजारों अभ्यर्थी, पुलिस से धक्का-मुक्की
पटना। बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। दरोगा बहाली और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की मांग को लेकर हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। गांधी मैदान से शुरू होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे इस विशाल मार्च को जब पुलिस ने जेपी गोलंबर पर रोकने की कोशिश की, तो हालात बेकाबू हो गए। आक्रोशित छात्र पुलिस की भारी-भरकम बैरिकेडिंग को लांघते हुए आगे निकल गए, जिसके चलते मौके पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गांधी मैदान से जेपी गोलंबर तक छात्रों का रेला
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री आवास के घेराव का आह्वान किया था। जैसे ही छात्रों का जुलूस जेपी गोलंबर पहुंचा, पुलिस ने कंटीले तारों और लोहे के बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
बिहार के अलग-अलग जिलों से हजारों की संख्या में पहुंचे छात्रों के भारी हुजूम के सामने पुलिस की किलेबंदी टिक नहीं सकी। छात्र जबरन सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए, जिससे पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
‘केवल फिजिकल टेस्ट रद्द करना छलावा, पूरी परीक्षा हो निरस्त’
छात्रों का कहना है कि सरकार द्वारा हाल ही में केवल शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को स्थगित या रद्द करना नाकाफी है। जब तक पूरी परीक्षा नए सिरे से और निष्पक्ष तरीके से नहीं कराई जाती, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का साफ कहना है कि वे किसी प्रशासनिक अधिकारी या प्रतिनिधिमंडल को ज्ञापन नहीं सौंपेंगे, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर ही अपनी व्यथा रखेंगे।
विपक्ष का समर्थन, तेजस्वी ने भी उठाए सवाल
छात्रों के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों को जायज ठहराया और नीतीश-सम्राट सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। फिलहाल पटना के प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन छात्रों को समझाने-बुझाने की कोशिश में जुटा है, जबकि अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अडिग हैं।

