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PM आवास पर बघेल-शर्मा आमने-सामने : पोर्टल से लेकर 11.75 लाख मकानों के आंकड़ों तक छिड़ी तीखी बहस

PM Awas

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। रायपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के बीच PM आवास को लेकर सीधी बहस देखने को मिली। चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए और अपने-अपने आंकड़ों के जरिए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। बहस में आवास निर्माण की संख्या के साथ-साथ PM आवास पोर्टल, पिछली सरकार के कार्यकाल और मौजूदा सरकार के दावों का मुद्दा भी प्रमुख रहा।

विजय शर्मा ने गिनाए मौजूदा सरकार के आंकड़े

मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साय सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक 11 लाख 75 हजार PM आवास का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश के अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री आवास बनाए गए। विजय शर्मा के मुताबिक, इन आवासों के निर्माण पर सरकार ने करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वहीं, राज्य में 3 लाख 65 हजार नए मकानों के निर्माण को मंजूरी भी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

पिछली सरकार पर भी साधा निशाना

बहस के दौरान विजय शर्मा ने भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कोरोना काल का हवाला देकर PM आवास की स्वीकृति नहीं होने के तर्क पर आपत्ति जताई। विजय शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देश के दूसरे राज्यों में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृतियां और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। इसलिए केवल कोरोना को आधार बनाकर उस समय आवासों की स्वीकृति प्रभावित होने की बात कहना उचित नहीं है। मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान गरीब परिवारों के आवास के मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।

PM आवास पोर्टल पर भी हुआ विवाद

दोनों नेताओं के बीच PM आवास के पोर्टल को लेकर भी तीखी बहस हुई। भूपेश बघेल ने दावा किया कि उनकी सरकार के समय केंद्र की ओर से PM आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था। उनका कहना था कि इसकी वजह से आवासों की स्वीकृति और निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हुई। विजय शर्मा ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि PM आवास का पोर्टल बंद होने की बात सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग योजनाओं और पोर्टल की प्रक्रियाओं को आपस में मिलाकर नहीं देखा जाना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा कि आवास योजना में स्वीकृति, स्वीकार्यता और निर्माण अलग-अलग चरण हैं। उनके मुताबिक, इन तीनों को एक ही आंकड़े के तौर पर पेश करने से वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।

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भूपेश बघेल ने सरकार के दावों पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय सरकार के PM आवास संबंधी आंकड़ों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार बड़ी संख्या में मकानों की स्वीकृति और निर्माण का दावा कर रही है, लेकिन अलग-अलग स्तर पर सामने आ रहे आंकड़ों में अंतर को स्पष्ट किया जाना चाहिए। भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय PM आवास का पोर्टल बंद होने के कारण योजना का काम प्रभावित हुआ था। उन्होंने मौजूदा सरकार के दावों और केंद्र की ओर से बताई गई स्वीकृतियों को लेकर भी सवाल उठाए।

‘चीत भी मेरा, पट भी मेरा’ कहकर साधा निशाना

PM आवास को लेकर आंकड़ों की चर्चा के बीच भूपेश बघेल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जनता के सामने पूरी और वास्तविक तस्वीर रखी जानी चाहिए। उन्होंने आवासों की अलग-अलग स्वीकृतियों को लेकर सवाल उठाते हुए ‘चीत भी मेरा, पट भी मेरा’ वाला तंज भी कसा। वहीं, विजय शर्मा लगातार इस बात पर जोर देते रहे कि PM आवास के आंकड़ों को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए और स्वीकृति तथा निर्माण को एक जैसा नहीं माना जा सकता।

बहस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर

रायपुर प्रेस क्लब में हुई इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के दावों पर आपत्ति जताते हुए गलत जानकारी नहीं देने की बात कही। दूसरी ओर, बघेल ने सरकार पर जनता के सामने गलत आंकड़े रखने का आरोप लगाया। इस बहस के बाद PM आवास योजना एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सियासत में प्रमुख मुद्दा बन गई है। दोनों पक्ष अपने-अपने आंकड़ों और दावों के आधार पर योजना की स्थिति को सही साबित करने में जुटे नजर आए।

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