ChatGPT यूजर्स सावधान! एआई ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो सकता है आपका पर्सनल डेटा; प्राइवेसी के लिए तुरंत करें ये 4 बदलाव
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल इन दिनों पढ़ाई, कोडिंग से लेकर दफ्तर के अहम कामों तक के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। हालांकि, कई बार यूजर्स जाने-अनजाने में अपनी पर्सनल जानकारी, ऑफिस के गोपनीय दस्तावेज या बेहद संवेदनशील सवाल इस पर शेयर कर देते हैं। अगर आपने प्राइवेसी सेटिंग्स में कोई बदलाव नहीं किया है, तो बाय-डिफॉल्ट आपकी हर बातचीत OpenAI के सर्वर पर सेव होती है और इसका इस्तेमाल एआई मॉडल को ट्रेन (AI Training) करने के लिए किया जाता है।
अपने डेटा को सुरक्षित रखने और एआई ट्रेनिंग का हिस्सा बनने से रोकने के लिए आप ऐप व वेब वर्जन में दिए गए डेटा कंट्रोल्स (Data Controls) का इस्तेमाल कर सकते हैं। जानिए अपनी प्राइवेसी को मजबूत करने के 4 आसान तरीके:
1. ‘Improve the Model for Everyone’ टॉगल बंद करें
अपनी नई बातचीत को मॉडल ट्रेनिंग में जाने से रोकने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है:
- सबसे पहले ChatGPT खोलें और अपने प्रोफाइल आइकॉन पर क्लिक करें।
- इसके बाद Settings में जाएं और Data Controls या Privacy विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां दिए गए ‘Improve the model for everyone’ (या डेटा शेयरिंग) वाले टॉगल को Off (बंद) कर दें। इसके बाद आपकी नई चैट्स का इस्तेमाल एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाएगा।
2. अस्थायी चैट (Temporary Chat) का करें इस्तेमाल
अगर आप किसी बेहद खास, प्राइवेट या सेंसिटिव टॉपिक पर बात कर रहे हैं, तो नॉर्मल चैट के बजाय टेंपरेरी चैट फीचर का इस्तेमाल करें:
- यह ऑप्शन ऐप या वेब वर्जन खोलते ही ऊपर डॉटेड बबल (Dotted Bubble) की तरह दिखाई देता है।
- टेंपरेरी चैट आपकी नॉर्मल चैट हिस्ट्री में सेव नहीं होती और न ही इसका इस्तेमाल एआई ट्रेनिंग के लिए किया जाता है।
3. पुरानी चैट्स को खुद करें डिलीट
ध्यान रखें कि सिर्फ ट्रेनिंग ऑप्शन बंद करने से आपकी पुरानी चैट्स अपने आप डिलीट नहीं होती हैं:
- अगर किसी पुरानी चैट में आपकी पर्सनल या सेंसिटिव जानकारी मौजूद है, तो उस चैट पर जाकर उसे अलग से डिलीट करें।
- पूरे अकाउंट की पुरानी हिस्ट्री एक साथ साफ करने के लिए Settings > Data Controls में जाएं और Clear Chat History विकल्प पर क्लिक करें।
4. सेंसिटिव डेटा शेयर करने से बचें
भले ही सेटिंग्स प्राइवेसी को नियंत्रित करने का विकल्प देती हैं, लेकिन कोई भी ऑनलाइन टूल 100% सुरक्षित नहीं होता। इसलिए किसी भी एआई प्लेटफॉर्म पर बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, आधार/आईडी नंबर या अति-संवेदनशील दस्तावेज शेयर करने से हमेशा बचना चाहिए।

