Parliament Special Session : संसद में महिला आरक्षण बिल पेश करेगी सरकार, विपक्ष करेगा विरोध
Parliament Special Session : मोदी सरकार संसद में आज तीन अहम बिल पेश करने जा रही है। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला ये विशेष सत्र संसद से लेकर देश की राजनीतिक दिशा तक के लिए काफी अहम है।
Parliament Special Session : मोदी सरकार आज देश की आधी आबादी को सबसे बड़ा तोहफा देने जा रही है। सरकार आज लोकसभा में तीन अहम बिल पेश करने जा रही है इनमें महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पहले दो बिल पेश करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीसरा बिल पेश करेंगे।
विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?
लोकसभा में बिल पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है। पीएम मोदी चर्चा की शुरुआत करेंगे। 17 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा के बाद तीनों बिलों पर वोटिंग होगी। वहीं, राज्यसभा में तीनों बिल 18 अप्रैल को पेश किए जाएंगे जहां चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। 18 अप्रैल को ही राज्यसभा में चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी। मोदी सरकार ने बिल को लेकर पूरी तैयारी की है वहीं, विपक्ष भी बिल के विरोध में उतर आया है। विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण बिल के विरोध में नहीं है लेकिन इससे जुड़े परिसीमन को लेकर उसका विरोध है।
विपक्ष बिल के विरोध की कीमत चुकाएगा- मोहन यादव
बीजेपी शासित राज्यों में मोदी सरकार के इस कदम को लेकर जश्न है। महिला आरक्षण संशोधन बिल के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध पर मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। मोहन यादव ने कहा कि विपक्ष बिल के विरोध की कीमत चुकाएगा। इस वक्त कांग्रेस की टाइमिंग खराब चल रही है। विपक्ष को अपनी बात संसद में कहनी चाहिए लेकिन विपक्ष बस हंगामा कर रहा है।
अखिलेश यादव ने बुलाई सांसदों की मीटिंग
समाजवादी पार्टी ने भी संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध करने की तैयारी की है। आज सुबह संसद भवन में सपा सांसदों की एक अहम बैठक होगी जिसकी अध्यक्षता खुद पार्टी मुखिया अखिलेश यादव करेंगे। पार्टी ने इस बैठक में शामिल होने का सभी सांसदों को आदेश दिया है। समाजवादी पार्टी की मांग है कि सरकार संसद में मौजूदा संख्याबल के आधार पर महिला आरक्षण बिल लेकर आए।
तमिलनाडु के CM स्टालिन ने पार्टी कार्यालय में फहराया काला झंडा
महिला आरक्षण संशोधन बिल के विरोध में दक्षिण भारत की कई पार्टियां उतर आई हैं। तमिलनाडु महिला आरक्षण संशोधन बिल के खिलाफ जबरदस्त विरोध दिख रहा है। सीएम स्टालिन के ऐलान के बाद लोगों ने घरों के बाहर काले झंडे लगा दिए हैं। वहीं सीएम स्टालिन ने भी पार्टी नेताओं के साथ मिलकर काला झंडा फहराया। इतना ही नहीं डीएमके नेताओं ने काले कपड़े पहनकर बिल का विरोध किया। डीएमके नेता एम के स्टालिन का कहना है कि मोदी सरकार दक्षिण भारत के राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है, उनके हक को मारा जा रहा है।
संसद के विशेष सत्र से पहले PM मोदी का पोस्ट
बिल पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। पीएम मोदी ने लिखा है कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
खरगे के कार्यालय में रणनीति बनाएंगे विपक्षी दलों के नेता
विपक्षी दलों के नेता आज राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में मिलेंगे, ताकि विशेष सत्र के दौरान सदन के पटल पर अपनाई जाने वाली रणनीति तैयार की जा सके। बता दें कि विपक्ष बिल के विरोध में उतर आया है। विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण बिल के विरोध में नहीं है लेकिन इससे जुड़े परिसीमन को लेकर उसका विरोध है

