महाराष्ट्र के भंडारा में महाप्रसाद खाने के बाद हड़कंप, 400 लोग बीमार, 16 की हालत नाजुक
Bhandara Food Poisoning: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में, नवरात्रि और विजयादशमी के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में ‘महाप्रसाद’ (सामूहिक भोजन) खाने के बाद लगभग 400 लोग बीमार पड़ गए। यह घटना लखनी तालुका के खराशी गांव में हुई। बुधवार सुबह से ही लोगों को उल्टी, दस्त और जी मिचलाने की शिकायत होने लगी। बीमार लोगों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीमों को सक्रिय कर दिया। गंभीर हालत वाले 16 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भंडारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य लोगों का इलाज खराशी, पालंदुर और लखनी के स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में चल रहा है।
800 लोगों ने खाया था ‘महाप्रसाद’, अगले दिन बिगड़ी तबीयत
रिपोर्टों के अनुसार, खराशी गांव के निवासी जितेंद्र बोरकर के घर पर विजयादशमी और नवरात्रि के त्योहारों के मौके पर एक दावत का आयोजन किया गया था। 20 अक्टूबर की शाम और रात को लगभग 800 लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने भोजन किया।
हालांकि, अगले दिन—बुधवार—की सुबह से ही, खाना खाने वाले कई लोगों को जी मिचलाने, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। शुरुआत में तो कुछ ही लोग बीमार पड़े, लेकिन दोपहर तक मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत चिकित्सा संबंधी कदम उठाए।
ग्राम पंचायत कार्यालय में लगाया गया मेडिकल कैंप
बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद, खराशी ग्राम पंचायत कार्यालय में एक मेडिकल कैंप लगाया गया है। वहां डॉक्टरों की एक टीम मरीजों की जांच कर रही है और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा सुविधा दे रही है।
मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ लोगों को इलाज के लिए खराशी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पालंदुर ग्रामीण अस्पताल और लखानी ग्रामीण अस्पताल भेजा गया। वहीं, गंभीर हालत वाले 16 मरीजों को भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में रेफर कर दिया गया। कुछ मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में भी चल रहा है। 800 लोगों ने ‘महाप्रसाद’ खाया था, और अगले दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई।
रिपोर्टों के अनुसार, खराशी गांव के निवासी जितेंद्र बोरकर के घर पर विजयादशमी और नवरात्रि के त्योहारों के मौके पर एक दावत का आयोजन किया गया था। 20 अक्टूबर की शाम और रात को लगभग 800 लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने भोजन किया था ।
हालांकि, अगले दिन बुधवार सुबह से ही भोजन करने वाले कई लोगों को जी मिचलाने, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। शुरुआत में कुछ लोग ही बीमार पड़े थे, लेकिन दोपहर तक मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। इसके बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल चिकित्सा व्यवस्था शुरू की।
ग्राम पंचायत कार्यालय में लगाया गया मेडिकल कैंप
बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद, खराशी ग्राम पंचायत कार्यालय में एक मेडिकल कैंप लगाया गया है। डॉक्टरों की एक टीम मरीजों की जांच कर रही है और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करा रही है। मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है; कुछ लोगों को इलाज के लिए खराशी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पालंदुर ग्रामीण अस्पताल और लखानी ग्रामीण अस्पताल भेजा गया है। वहीं, गंभीर हालत वाले 16 मरीजों को भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। कुछ मरीज निजी अस्पतालों में भी इलाज करा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक नाना पटोले ने खराशी गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद गांव में चिंता का माहौल है।
महाप्रसाद से कैसे हुई फूड पॉइजनिंग?
एक साथ भोजन करने के बाद, कई लोगों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखे गए हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग की आशंका पैदा हो गई है। हालांकि, अभी तक मिली जानकारी के आधार पर, इसके कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बीमारी के असली कारण का पता जांच के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, प्रभावित लोगों का इलाज चल रहा है और स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं। (एजेंसी)

