Thu. Oct 22nd, 2026

चेन्नई में बिना पुलिस अनुमति प्रोटेस्ट पर अड़ा CJP, CM विजय के सामने बड़ी चुनौती

चेन्नई : ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आज चेन्नई में ‘SIR’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। हालांकि मुख्यमंत्री विजय के अधीन पुलिस ने इस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी है, फिर भी CJP 24 घंटे का विरोध प्रदर्शन करने के अपने इरादे पर कायम है। उन्होंने इस पहल को ‘चेन्नई का जंतर-मंतर 2.0’ नाम दिया है। समूह के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन गुरुवार शाम 4:00 बजे एग्मोर के राजरत्नम स्टेडियम के पास शुरू होगा और शुक्रवार शाम 4:00 बजे तक चलेगा। उन्होंने ‘जेन Z’, ‘जेन अल्फा’ और ‘जेन बीटा’ के सदस्यों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

इस विरोध प्रदर्शन के ज़रिए, CJP की मुख्य मांगें मतदाता सूची से ‘SIR’ (संदिग्ध/अयोग्य/दोहराई गई) प्रविष्टियों को हटाना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हैं। दिल्ली पुलिस की तरह, जिसने दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, चेन्नई पुलिस ने भी अनुमति देने से इनकार कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने NDTV को बताया कि CJP ने अनुमति मांगी थी, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया।

CJP ने आज चेन्नई में बुलाया प्रोटेस्ट

हालांकि, प्रोटेस्ट बुलाने वालों की प्लानिंग की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि CJP 24 घंटे का प्रदर्शन करने की तैयारी में है, जिससे पुलिस के साथ टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इस प्रदर्शन में शामिल होने वालों में CJP के दक्षिण भारत समन्वयक विजय रेड्डी मल्लंगी; केरल से राज्यसभा सांसद A.A. रहीम (जो ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ – DYFI के प्रमुख भी हैं); और DYFI के महासचिव सृजन भट्टाचार्य शामिल हैं।

SIR के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का ऐलान

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से 13.39 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इनमें वे लोग शामिल हैं जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले, जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, और ऐसे मामले भी हैं जहाँ एक ही नाम कई बार दर्ज था। वहीं, चुनाव आयोग ने हेरफेर के आरोपों को खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना है, और जो लोग वास्तव में मतदान करने के पात्र हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके अपना नाम फिर से सूची में जुड़वा सकते हैं।

सीएम विजय के लिए बड़ी चुनौती

बता दें कि तमिलनाडु में इस प्रक्रिया के दौरान, शुरुआत में 97.38 लाख नाम हटाए गए, फिर 27.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए, और उसके बाद 4.23 लाख और नाम हटा दिए गए। नतीजतन, मतदाताओं की संख्या में कुल 73.4 लाख की कमी आई। यह संशोधन राज्य में सत्ता परिवर्तन से ठीक पहले हुआ, जिसमें विजय की पार्टी, TVK ने 108 सीटें जीतीं और DMK के शासन का अंत कर दिया। गुरुवार को CJP के विरोध-प्रदर्शन को रोकना मुख्यमंत्री विजय के लिए एक बड़ी चुनौती है। (एजेंसी)

About The Author