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बिहार MLC चुनाव: 8 सीटों पर कल मतदान, CM सम्राट के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं मुकाबला

पटना: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व के सामने बिहार की राजनीति में एक नई और बड़ी चुनावी चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य में सम्राट चौधरी के पार्टी की कमान संभालने के बाद से, BJP को हाल के चुनावों में लगातार दो बड़े झटके लगे हैं। मुख्य विपक्षी दल, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आरा विधान परिषद चुनाव में जीत हासिल की। ​​वहीं, बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने BJP उम्मीदवार को हराकर एक बड़ा उलटफेर कर दिया। इन लगातार दो हार के बाद, इस शुक्रवार को राज्य में विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों के लिए मतदान होना है। ऐसे में ये चुनाव सम्राट चौधरी के राजनीतिक प्रभाव और चुनावी रणनीति के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है।

आरा और बांकीपुर में भाजपा को लगा था करारा झटका

हाल के स्थानीय और उपचुनावों में, बीजेपी को अपने पारंपरिक गढ़ों में भी हार का सामना करना पड़ा है। जहां आरजेडी ने आरा एमएलसी सीट पर जीत हासिल की, वहीं जन सुराज पार्टी के प्रमुख और बांकीपुर उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर भी विजयी रहे, जिससे बीजेपी के पारंपरिक चुनावी समीकरण उलट गए। बांकीपुर में मिली हार को बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस बार, एमएलसी चुनावों में प्रशांत किशोर के उतरने से एक साधारण सा लगने वाला मुकाबला हाई-प्रोफाइल मुकाबले में बदल गया है।

8 MLC सीटों पर कल होगा मतदान

दो अहम सीटों पर हार के बाद, अब राज्य का ध्यान विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों के लिए कल होने वाले चुनावों पर केंद्रित है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इन चुनावों के नतीजे राज्य के भविष्य के राजनीतिक परिदृश्य को स्पष्ट करेंगे और सत्ताधारी दल के जमीनी स्तर पर वास्तविक जनाधार की एक साफ तस्वीर पेश करेंगे। बिहार विधान परिषद में कुल 6 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें से प्रत्येक श्रेणी में 4-4 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें पटना (स्नातक और शिक्षक), तिरहुत (स्नातक और शिक्षक), दरभंगा (स्नातक और शिक्षक) और कोसी (स्नातक और शिक्षक) निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। ये भले ही आठ सीटों का चुनाव है लेकिन इसका असर कुल 30 जिलों में दिखेगा क्योंकि राज्य के 38 में से 30 जिलों में फैलाव है।

एमएलसी चुनाव इतना अहम क्यों?

हालिया चुनाव परिणाम: आरा में राजद की जीत और बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज का कब्जा।
आगामी चुनाव: बिहार की 8 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों के लिए कल डाले जाएंगे वोट।
साख का सवाल: लगातार मिली हार के बाद सम्राट चौधरी और भाजपा नेतृत्व की परीक्षा।
कड़ा मुकाबला: बिहार में जन सुराज की बढ़ती सक्रियता से एनडीए के सामने बड़ी चुनौती।

सम्राट चौधरी के लिए क्यों बना लिटमस टेस्ट?

लगातार दो चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, भाजपा नेतृत्व पर दबाव काफी बढ़ गया है। कल 8 MLC सीटों के लिए होने वाली वोटिंग और उसके नतीजे यह तय करेंगे कि सम्राट चौधरी NDA के वोट बैंक को एकजुट रखने, सहयोगियों के बीच तालमेल बिठाने और पार्टी कार्यकर्ताओं का भरोसा बनाए रखने में कितने सफल साबित होते हैं। (एजेंसी)

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