33 दिन की हड़ताल नहीं जाएगी बेकार, NHM कर्मियों को मिलेगा वेतन
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़े कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने का ऐलान किया। इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने खुशी जताई और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य सेवाओं में एनएचएम कर्मियों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि NHM कर्मचारी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इन कर्मचारियों का समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कोरोना संकट में निभाई थी बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया। उस समय स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जान बचाने के लिए लगातार मैदान में डटे रहे और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी।
कर्मचारियों के लिए नई सुविधाओं का ऐलान
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों को अब कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ भी मिलेगा। साथ ही कर्मचारियों के लिए बीमा सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत सामान्य मृत्यु, दुर्घटना और स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
कर्मचारियों में उत्साह का माहौल
हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारियों में उत्साह देखा गया। कर्मचारी संगठनों ने इसे उनके लंबे समय से लंबित मुद्दे के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

