कांकेर में मलेरिया का कहर, तीसरी मौत से मचा हड़कंप; 3 महीने पहले जुड़वा बच्चियों को दिया था जन्म
मलेरिया पॉजिटिव महिला की इलाज में देरी के बीच मौत, परिजनों ने स्वास्थ्य टीम और एंबुलेंस व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले छात्रावास में रहने वाले दो बच्चों की मलेरिया से मौत के बाद अब जिले में तीसरी मौत का मामला सामने आया है। ताजा मामला भानुप्रतापपुर विकासखंड के चीज़गांव का है, जहां मलेरिया पॉजिटिव महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम चीज़गांव के आवास पारा निवासी राकेश्वरी कल्लो की मंगलवार सुबह मलेरिया से मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि महिला को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और गंभीर हालत में 108 एंबुलेंस भी करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची।
मलेरिया पॉजिटिव मिलने के बाद भी स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची
जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई को गांव की मितानिन ने राकेश्वरी कल्लो के घर पहुंचकर उनकी जांच की थी। जांच में महिला मलेरिया पॉजिटिव पाई गई। मितानिन ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी और महिला को मलेरिया की दवा भी उपलब्ध कराई।
हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला का हाल जानने या उसका इलाज करने के लिए गांव नहीं पहुंची। मंगलवार सुबह महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। आरोप है कि एंबुलेंस करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची। गंभीर हालत में महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कलेक्टर के निर्देश के बावजूद उठे सवाल
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि 27 जुलाई को ही कांकेर कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने जिले में बढ़ते मलेरिया के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
वहीं 28 जुलाई को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कांकेर पहुंचे थे। उन्होंने बस्तर संभाग के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मलेरिया नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा की थी। इसके बावजूद मलेरिया से तीसरी मौत सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
तीन महीने पहले दिया था जुड़वा बच्चियों को जन्म
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका राकेश्वरी कल्लो ने महज तीन महीने पहले जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। मां की असमय मौत के बाद अब दोनों मासूम बच्चियों की जिम्मेदारी परिवार पर आ गई है।
कांकेर जिले में लगातार मलेरिया से मौत के मामले सामने आने के बीच बीमारी की रोकथाम और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है और मलेरिया नियंत्रण के लिए आगे कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर है।

