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National Honour Amendment Bill 2026 राज्यसभा से पास, ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान को कानूनी सुरक्षा

National Honour Amendment Bill: राज्यसभा ने बुधवार को राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस संशोधन के तहत अब राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” को कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना अब आपराधिक अपराध माना जाएगा। विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच विधेयक पारित किया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने के लिए उठाया गया है।

यह संशोधन राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के दायरे को बढ़ाता है। अब तक राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान “जन गण मन” इस कानून के अंतर्गत कानूनी रूप से संरक्षित थे। अब राष्ट्रगान “वंदे मातरम” को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर “वंदे मातरम” के गायन को रोकना, उसमें बाधा डालना या उसका अपमान करना दंडनीय है। यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब “वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों भारतीयों के दिलों में देशभक्ति की भावना और जोश जगाने वाला अमर गीत “वंदे मातरम” अब राष्ट्रीय गान “जन गण मन” के समान ही कानूनी संरक्षण और संवैधानिक दर्जा प्राप्त कर चुका है। राज्यसभा ने सर्वसम्मति से “राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026” पारित किया। इस ऐतिहासिक विधेयक के कानून बनने के बाद, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का अपमान करता है या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।

विपक्ष ने विधेयक पर चर्चा के दौरान हंगामा क्यों किया?

राज्यसभा का दोपहर का सत्र शुरू होते ही विपक्षी दलों ने दिल्ली में NEET परीक्षा के पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने के लिए नारे लगाने शुरू कर दिए। उपसभापति हरिवंश ने प्रदर्शनकारी सदस्यों से सदन में मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। ​​इसके बावजूद, विरोध प्रदर्शन जारी रहा।हंगामे के बीच उपसभापति ने सूचीबद्ध कार्यवाही जारी रखी और विधेयक पर चर्चा शुरू कराई। बाद में जब केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले विधेयक पर बोल रहे थे, तब विपक्षी दल सदन से वॉकआउट कर गए।

नए कानून में क्या-क्या प्रावधान जोड़े गए हैं?

इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रगान को राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण प्रदान करना है। इस कानून के तहत, वंदे मातरम का अपमान करना, जानबूझकर इसके गायन में बाधा डालना, या राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी कार्य कानून के दायरे में आएगा। विधेयक में राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान से संबंधित अपराधों के लिए अधिकतम तीन वर्ष के कारावास का प्रावधान है।

क्या है 1971 का मूल कानून?

विशेष सूचना: राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 भारत का केंद्रीय कानून है, जो राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा), भारत के संविधान, राष्ट्रीय मानचित्र और राष्ट्रगान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करना अपराध मानता है। 2026 के नए संशोधन के साथ, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का नाम भी आधिकारिक तौर पर इस सूची में जोड़ दिया गया है, जिसके कारण अब इसका अपमान करना गैर-जमानती और दंडनीय अपराध बन गया है। (एजेंसी)

 

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