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बंगाल की खाड़ी में बना नया चक्रवात: एमपी के 17 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का एक नया और असरदार दौर शुरू हो चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय ट्रफ लाइन के प्रभाव से अगले चार दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम पहले पूर्वी मध्य प्रदेश को तरबतर करेगा और फिर धीरे-धीरे मध्य तथा पश्चिमी जिलों की तरफ बढ़ेगा।

राजधानी भोपाल में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से बड़ा तालाब लबालब भर गया है। वर्तमान में तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पर पहुंच गया है, जो अपने फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट कम है। जलभराव पूरा होते ही भदभदा बांध के गेट खोले जा सकते हैं, जिससे पानी कलियासोत डैम की ओर छोड़ा जाएगा।

पूर्वी मध्य प्रदेश में ‘ऑरेंज अलर्ट’

मौसम विभाग ने आज पूर्वी हिस्से के 17 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है:

ऑरेंज अलर्ट: उमरिया और बालाघाट में अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।

येलो अलर्ट (भारी बारिश): पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में तेज से भारी बारिश की संभावना है।

अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान

1 से 2 सितंबर तक विंध्य, महाकौशल और बुंदेलखंड के इलाकों में भारी बारिश का जोर रहेगा। इसके बाद 3 सितंबर को मानसूनी दबाव आगे बढ़ते हुए भोपाल और ग्वालियर संभाग में तेज बारिश कराएगा। वहीं 4 सितंबर तक बारिश का दायरा उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग तक फैल जाएगा।

बांधों का जलस्तर सुधरा, पर अभी और पानी की दरकार

लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम से प्रदेश के प्रमुख जलाशयों की स्थिति काफी बेहतर हुई है। अधिकांश बड़े बांधों में 70 फीसदी से अधिक जलभराव हो चुका है और कई जगह एहतियातन गेट भी खोले गए हैं। हालांकि, पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभाग के जलाशयों में अभी भी भरपूर पानी आने की प्रतीक्षा है।

क्या सितंबर में पूरी होगी बारिश की कमी?

मानसून के इस सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है। पूर्वी हिस्सों में सामान्य से 5% और पश्चिमी अंचल में 15% कम बारिश दर्ज की गई है। कुल 39 जिले सामान्य वर्षा के आंकड़े से 2 से 57 प्रतिशत तक पीछे हैं।

अब तक प्रदेश में कुल 702.9 मिमी (27.7 इंच) बारिश हुई है, जो सामान्य औसत से 3.1 इंच कम है। पूरे सीजन के 37.3 इंच के आंकड़े को हासिल करने के लिए सितंबर महीने में करीब 9.6 इंच बारिश की आवश्यकता है। मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि अगले चार दिनों की सक्रियता से यह गैप तेजी से कम होगा।

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