रायपुर में मिर्ची गैंग का पर्दाफाश, 3.5 लाख की लूट के 4 आरोपी गिरफ्तार
Chilli Powder Gang: रायपुर जिले के अभनपुर इलाके में बैंक मित्रा और चॉइस सेंटर के कर्मचारियों को निशाना बनाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। अभनपुर पुलिस ने दो सनसनीखेज लूट की घटनाओं का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मिर्च पाउडर और चाकू का इस्तेमाल करके करीब 3 लाख 50 हजार रुपये की लूट को अंजाम दिया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से अपराध में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें, चार मोबाइल फोन, दो धारदार चाकू और लूटी गई रकम में से 70 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
बैंक मित्र और चॉइस सेंटर कर्मचारियों को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने बैंक मित्रा और चॉइस सेंटर के संचालकों और कर्मचारियों को विशेष रूप से निशाना बनाया था। वे पहले अपने संभावित पीड़ितों की गतिविधियों की जानकारी जुटाते थे, यह पता लगाते थे कि वे कब और कहां नकदी लेकर जा रहे होंगे। जैसे ही उन्हें मौका मिलता, वे रास्ते में ही वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य अचानक पीड़ित के चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंक देते थे, जिससे वे कुछ समय के लिए बेबस हो जाते थे। फिर वे उन्हें चाकू से धमकाते, उनसे नकदी लूट लेते और मौके से फरार हो जाते थे।
पुलिस को मिली बड़ी सफलता
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने दोनों घटनाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार रूपये नकद लूटे थे। सभी आरोपी घटना के बाद फरार हो गए और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों के नेटवर्क की मदद से आरोपियों का पता लगाया।
मुखबिर और सीसीटीवी से पुलिस को मिली सफलता
अभनपुर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए बहुस्तरीय जांच की। उन्होंने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज की जांच की, संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। एक मुखबिर से मिली जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दोनों डकैतियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
सरपंच का भाई निकला गिरोह का मुख्य आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का मुख्य आरोपी पिंटू उर्फ देशबंधु है, जो ग्राम पंचायत सारखी के सरपंच का छोटा भाई बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पिंटू का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम, मारपीट, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक मामलों में केस दर्ज हैं। वह पूर्व में जेल भी जा चुका है। इसके बावजूद उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा और संगठित तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम देता रहा।
आरोपियों से बरामद हुआ सामान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें, चार मोबाइल फोन, दो धारदार चाकू और लूटी गई 70,000 रुपये की नकदी शामिल है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से गिरोह की अन्य गतिविधियों और संभावित अपराधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। (एजेंसी)

