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छात्र आंदोलन की बड़ी जीत, JSSC-CGL रद्द होने के बाद देवेंद्र महतो ने तोड़ी भूख हड़ताल

Ranchi protest : झारखंड में JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर 24 दिनों से चल रहे छात्रों के आंदोलन के आगे आखिरकार राज्य सरकार को झुकना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मानते हुए, राज्य सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा के साथ-साथ सभी TDPL परीक्षाओं को भी रद्द करने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद, रांची सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।

जयराम महतो ने अपने हाथ से देवेंद्र नाथ महतो को खिलाया

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणा के बाद, राज्य मंत्री दीपिका पांडे सिंह, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और विधायक जयराम महतो देर रात रांची के सदर अस्पताल पहुंचे। वहां जयराम महतो ने खुद देवेंद्र नाथ महतो को खाना खिलाया, जबकि दीपिका पांडे सिंह ने उन्हें पीने के लिए जूस दिया। जूस पीने के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। गौरतलब है कि तबीयत बिगड़ने के बाद देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, फिर भी उन्होंने अस्पताल में रहते हुए भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखी थी।भूख हड़ताल खत्म करने के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने मांंगे मानने के लिए सीएम हेमंत सोरेन को धन्यवाद दिया। साथ ही एग्जाम पर नजर रखने और पेपर लीक को रोकने के लिए कड़े कानून और सुधार की मांग की।

देवेंद्र नाथ महतो ने झारखंड सरकार को किया – धन्यवाद

देवेंद्र महतो ने कहा, “मेरी भूख हड़ताल का आज 16वां दिन है। यह संघर्ष 2 जुलाई को शुरू हुआ था। 20 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद, 28 जुलाई को CID जांच शुरू की गई। जांच बहुत बारीकी से की जा रही है और किसी को भी नहीं बख्शा जा रहा है—यहां तक ​​कि पूर्व मुख्य सचिव और JPSC चेयरमैन जैसे बड़े अधिकारियों को भी नहीं। मैं इतना अहम फैसला लेने की हिम्मत दिखाने के लिए झारखंड सरकार का धन्यवाद करता हूँ।”

छात्र नेता ने कहा कि परीक्षा रद्द करना एक बड़ी चुनौती थी। यह कोई आसान फैसला नहीं था, क्योंकि JSSC CGL परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया पहले ही जॉइनिंग के चरण तक पहुंच चुकी थी और कई छात्रों ने शायद अपनी जगह पक्की कर ली थी। फिर भी, गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने छात्रों के हित में यह बड़ा कदम उठाया। मैं झारखंड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी, हमारे विधायक जयराम महतो, मंत्री दीपिका पांडेय, इरफान अंसारी और उन अजनबियों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने रात 1 या 2 बजे आंदोलन के दौरान छात्रों को पानी और नाश्ता भेजा।

तीनों प्रदर्शनकारियों की मेडिकल जांच, स्वास्थ्य सामान्य: अंसारी

मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि देवेंद्र महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने अपनी मर्जी से भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्होंने उन्हें जूस पिलाकर उनका व्रत तुड़वाया। मेडिकल जांच के बाद तीनों की हालत सामान्य बताई गई। मंत्री के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल सामान्य है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि छात्रों के हित में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं। इसके साथ ही आंदोलन औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। (एजेंसी)

 

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