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12 साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोपी का एनकाउंटर, बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Baruipur Case: बारुईपुर (बंगाल) दुष्कर्म मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में गोली मारकर मार गिराया गया। खबरों के मुताबिक, पुलिस की एक टीम मंगलवार और बुधवार की रात आरोपी को क्राइम सीन को फिर से समझने के लिए उस जगह ले गई थी। इसी दौरान उसने अचानक एक पुलिस अधिकारी से हथियार छीन लिया, टीम पर गोली चलाई और वहां से भागने की कोशिश की।जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से की गई फायरिंग के दौरान आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत बारूईपुर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:45 बजे, बारुईपुर पुलिस स्टेशन के थाना प्रकरण संख्या 1350/26 के जांच अधिकारी अपनी टीम और आरोपी प्रभास मंडल के साथ क्राइम सीन को फिर से समझने रीक्रिएशन के लिए सूर्यपुर हाट पहुंचे। जैसे ही पुलिस ने क्राइम सीन को फिर से समझने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की, चालाक आरोपी प्रभास ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी की बंदूक पर झपट्टा मारा और उसे छीन लिया।

पुलिस का कहना है कि हथियार छीनने के तुरंत बाद आरोपी प्रभास मंडल ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए एक राउंड फायरिंग कर दी और वहां से भागने लगा। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में तुरंत जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इस आमने-सामने की मुठभेड़ में प्रभास मंडल को गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से जख्मी होकर वहीं गिर पड़ा। मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस कर्मियों ने घायल आरोपी प्रभास को बिना समय गंवाए बारूईपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मौजूद डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। पुलिस प्रशासन ने इस एनकाउंटर की घटना के बाद आगे की जरूरी वैधानिक और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

4 जुलाई को लापता हुई थी लड़की

गौरतलब है कि मृतक आरोपी प्रभास मंडल उन लोगों में शामिल था जिन पर 4 जुलाई से लापता एक नाबालिग लड़की केदुष्कर्म और हत्या का आरोप था। अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में लड़की का शव मिला, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बारुईपुर-जयनगर रोड जाम कर दिया, टायर जलाए और पुलिस की गाड़ियों में जमकर तोड़-फोड़ की।

लापता लड़की का शव मिलने के कुछ घंटों बाद उग्र भीड़ ने इस अपराध में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) कर दी थी, जिसकी पहचान बाद में इंद्रजीत मोंडोल के रूप में हुई। पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की विस्तृत और गहनता से जांच करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक 6 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया गया।

लापरवाही पाई गई तो होगी कार्रवाई: CM शुभेंदु अधिकारी

साउथ 24 परगना के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में पीड़ित परिवार से मिलने के बाद, सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद जांच में अगर एक प्रतिशत भी लापरवाही पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति, पुलिस की गाड़ियों और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

सीएम ने स्पष्ट किया कि पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मॉब लिंचिंग के शिकार इंद्रजीत मंडल पूरी तरह बेगुनाह थे और उनकी हत्या के जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा। पीड़ित परिवार की मांग मानते हुए, मुख्यमंत्री ने सूरज्यपुर में एक पुलिस चौकी बनाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के अंदर दोनों पीड़ित परिवारों से दोबारा मिलने के बाद वे मुआवजे और दूसरी आर्थिक मदद का ऐलान करेंगे।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इस हिंसा को भड़काने के पीछे विपक्षी दलों और ‘कट्टरपंथी, राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ से जुड़े लोग थे, और जांचकर्ताओं ने उनके खिलाफ कॉल रिकॉर्डिंग समेत काफी सबूत जुटा लिए हैं। बाद में, मुख्यमंत्री ने हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की और उन्हें राज्य प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मारे गए दोनों लोगों के परिवारों ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री के आश्वासन पर पूरी संतुष्टि जताई है। (एजेंसी)

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