छत्तीसगढ़ में रेलवे का नया नियम: WhatsApp से मंगाया टिकट अब अमान्य, लगेगा जुर्माना
Chhattisgarh Railway New Rules: अगर आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं, तो रेलवे काउंटर से खुद अनारक्षित (जनरल) टिकट खरीदें या अपने मोबाइल फोन से ऑनलाइन बुक करें। अगर आप किसी और के मोबाइल से टिकट लेते हैं और उसे WhatsApp या स्क्रीनशॉट के जरिए TTE को दिखाते हैं, तो उसे अमान्य माना जाएगा और आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
ऐसा ही एक मामला कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस में सामने आया, जहां एक युवती को एक छोटी सी चूक के कारण जुर्माना भरना पड़ा। ट्रेन नंबर 18517 (कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस) शाम 4:10 बजे कोरबा स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन में सफर कर रही एक युवती के पास टिकट नहीं था। TTE को अपनी ओर आते देख उसने जल्दी से अपने भाई को फोन किया, एक ऐप के जरिए टिकट बुक करवाया और उससे WhatsApp पर उसका स्क्रीनशॉट मंगवाया। जब टीटीई ने टिकट चेक किया, तो उस पर बुकिंग का समय शाम 4:45 बजे दर्ज था, यानी टिकट ट्रेन छूटने के बाद लिया गया था। रेलवे नियमों के तहत इस टिकट को अमान्य घोषित कर युवती से जुर्माना वसूला गया।
नए नियम: जुर्माना हुआ दोगुना
19 जून 2026 से, बिना टिकट या गलत टिकट के यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए रेलवे ने जुर्माना राशि दोगुनी कर दी है। वैध टिकट के बिना यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 कर दिया गया है।इसके साथ ही किराए की राशि अलग से देनी होगी।
ऐप पर टिकट दिखाना जरूरी
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हमेशा ‘Rail One’ ऐप वाला मोबाइल फोन साथ रखें, क्योंकि जरूरत पड़ने पर टिकट-चेकिंग स्टाफ कभी भी सीधे ऐप पर मौजूद टिकट की जांच कर सकता है। चूंकि डिजिटल टिकट पूरी तरह से मोबाइल डिवाइस पर निर्भर करता है, इसलिए यात्रियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्रा के दौरान उनका फोन ठीक से चार्ज रहे, ताकि टिकट चेकिंग के समय किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा, किसी दूसरे यात्री को केवल टिकट की फोटो भेज देना यात्रा के लिए पर्याप्त नहीं है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले स्टेशन का नाम, तारीख और अन्य सभी विवरणों के सही होने की पुष्टि खुद कर लेनी चाहिए, क्योंकि गलत जानकारी वाला टिकट चेकिंग के दौरान बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। हालांकि, यह नियम रिजर्वेशन में लागू नहीं है, क्योंकि वहां पैसेंजर का आईडी भी चेक किया जाता है।
डिजिटल टिकट के प्रमुख नियम और जरूरी शर्तें
रायपुर डिवीजन के सीनियर DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी ने डिजिटल टिकट के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि ‘Rail One’ ऐप से बुक किया गया अनारक्षित टिकट उसी मोबाइल पर होना चाहिए जिस पर ऐप रजिस्टर्ड है। किसी दूसरे मोबाइल डिवाइस पर भेजी गई फोटो या कॉपी पूरी तरह से अमान्य मानी जाएगी। इसके अलावा, चेकिंग के दौरान सिर्फ ऐप में मौजूद असली डिजिटल टिकट ही दिखाना होगा। WhatsApp कॉपी, स्क्रीनशॉट या PDF को टिकट के मान्य विकल्प के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यात्रा शुरू होने यानी ट्रेन के स्टेशन से रवाना होने से पहले ही टिकट लेना आवश्यक है। ट्रेन चलने के बाद बनाई गई कोई भी डिजिटल बुकिंग मान्य नहीं होगी। साथ ही टिकट की प्रामाणिकता जांचने के लिए यात्री के पास वही मोबाइल होना चाहिए, जिससे बुकिंग हुई है और संबंधित पंजीकृत मोबाइल नंबर की जानकारी होना भी जरूरी है। (एजेंसी)

