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पहलगाम हमले से जुड़ा आतंकी जाकिर गनी मुठभेड़ में मारा गया, चार दिन बाद शव बरामद

Jammu Kashmir Encounter: जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर गनी को एक मुठभेड़ में मार गिराया गया है। उसका शव दक्षिण कश्मीर के सैदपोरा इलाके से बरामद किया गया। आतंकवादी के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए।शनिवार को शोपियां में आतंकवाद-विरोधी अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के दौरान, सुरक्षा बलों ने सर्विलांस कैमरों की मदद से घने बाग में दो आतंकवादियों को देखा। लश्कर कमांडर जाकिर गनी और उसके साथी लतीफ भट की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर गनी को मुठभेड़ में मार गिराया गया। शनिवार को इलाके में दो आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया था। मुठभेड़ के चार दिन बाद जाकिर गनी का शव बरामद हुआ।इससे उसके मारे जाने की पुष्टि हुई। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जाकिर गनी कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और पहलगाम हमले में भी उसका नाम सामने आया था।

अधिकारियों ने क्या बताया

अधिकारियों के मुताबिक, इन दो आतंकवादियों को सबसे पहले 3 जुलाई को मीमांदर इलाके के एक घने बाग में लगे सर्विलांस कैमरों में देखा गया था। इस इलाके में सात गांव आते हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की एक संयुक्त टीम ने इस इलाके की घेराबंदी कड़ी कर दी है। अधिकारियों ने फंसे हुए आतंकवादियों की पहचान लतीफ और जाकिर के तौर पर की है। बताया जा रहा है कि जब सेना के जवान उनके पास पहुंचे, तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई।

विक्टर फोर्स’ की तैनाती

सेना की खास आतंकवाद-रोधी यूनिट, ‘विक्टर फोर्स’ ने घने बागों के रास्तों से आतंकवादियों के भागने की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं। इलाके में रोशनी का भी इंतजाम किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों के महीनों में घने पेड़-पौधे आतंकवादियों को प्राकृतिक आड़ देते हैं, जिससे निगरानी करना मुश्किल हो जाता है। इसका फायदा उठाकर, घिरे हुए आतंकवादी कम निगरानी वाले इलाकों से सुरक्षा घेरा तोड़कर भाग सकते हैं।

दोनों आतंकी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले

सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। बताया गया है कि जाकिर 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, जबकि लतीफ पिछले साल इस संगठन में शामिल हुआ था। ऐतिहासिक रूप से, शोपियां को दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला से जोड़ने वाले एक अहम रास्ते के तौर पर जाना जाता रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जहां हमलों के लिए विदेशी आतंकियों का इस्तेमाल बढ़ा है, वहीं लतीफ और जाकिर जैसे स्थानीय आतंकियों पर लगाम लगाना भी बेहद जरूरी है। इससे आतंकी संगठनों के मददगार नेटवर्क को तोड़ने और स्थानीय युवाओं की भर्ती के सिलसिले को रोकने में मदद मिल सकती है। (एजेंसी)

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