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मोदी का बाप भी जाएगा’: पटना में खरगे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत, BJP का तीखा पलटवार

पटना। बिहार के पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित एक सार्वजनिक मंच से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई तीखी और विवादित टिप्पणी ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे ने कई राज्य सरकारों को “चोरी की सरकार” बताया और संबोधन के दौरान एक टिप्पणी के जवाब में पीएम मोदी के पिता को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक बयान दे डाला। इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोल दिया है।

बापू सभागार में क्या हुआ?

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की मौजूदा सरकारें जनादेश से नहीं बल्कि वोट चोरी करके बनाई गई हैं। इसी दौरान जब सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने जोर से कहा कि “मोदी कभी नहीं जाएगा”, तो खरगे ने तीखे तेवर में मंच से कहा कि “मोदी का बाप भी जाएगा।”
इसके साथ ही खरगे ने केंद्र सरकार पर महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आज देश में महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है। गरीब की थाली से दाल गायब है और अब प्याज भी इतना महंगा हो गया है कि वह प्याज-रोटी भी नहीं खा सकता। यह सरकार आम जनता का गला काट रही है।” संसद सत्र का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि संसद चलने के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आने से बचते हैं। वहीं राहुल गांधी के विदेश दौरे पर उठ रहे सवालों पर खरगे ने कहा कि राहुल गांधी अपने निजी व जरूरी काम से गए हैं और लौटने के बाद विरोधियों को कड़ा जवाब देंगे।

अमित शाह का हमला: ‘हार की हताशा में गाली-गलौज पर उतरी कांग्रेस’

खरगे की इस टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर अमर्यादित टिप्पणी कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है।
अमित शाह ने कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री या उनके परिजनों को निशाना बनाया हो। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री की स्वर्गीय माताजी को अपशब्द कहे गए, उन्हें ‘मौत का सौदागर’ बताया गया और ‘चायवाला’ कहकर उनकी पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाया गया। शाह ने आरोप लगाया कि बीते एक दशक से अधिक समय से लगातार मिल रही चुनावी हार के चलते कांग्रेस हताश हो चुकी है और अब नीति व विमर्श छोड़कर केवल गाली-गलौज की राजनीति पर सिमट गई है।

‘माफिया प्रवृत्ति की हो चुकी है कांग्रेस की सोच’: बीजेपी

भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों से असामाजिक और गुंडा तत्वों जैसी भाषा बोलना कांग्रेस की कार्यशैली बन चुका है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व की यह भाषा दर्शाती है कि कांग्रेस एक राजनीतिक दल के तौर पर अपनी मर्यादाएं खो चुकी है।
वहीं बीजेपी नेता नितिन नवीन ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध नीतिगत आधार पर होना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक मंचों से परिवार के दिवंगत सदस्यों को घसीटना कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को साबित करता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस प्रकार के व्यक्तिगत हमलों को भली-भांति समझती है और चुनावी मैदान में इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।

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